Jamshedpur News: जमशेदपुर में टाटा समूह के आधारस्तंभ सर दोराबजी टाटा की 167वीं जयंती मनाई गई. कीनन स्टेडियम के पास सर दोराबजी टाटा पार्क में मुख्य कार्यक्रम हुआ. इस दौरान उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. कार्यक्रम में टाटा स्टील और टाटा वर्कर्स यूनियन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
सर दोराबजी टाटा ने जेएन टाटा का सपना पूरा किया
टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट कॉर्पोरेट सर्विसेज डीबी सुंदर रामम ने कहा कि जमशेदजी नुसरवानजी टाटा ने भारत में बड़े उद्योग का सपना देखा था. सर दोराबजी टाटा ने इस सपने को जमीन पर उतारने का काम किया. उन्होंने एशिया के पहले स्टील प्लांट की स्थापना में अहम भूमिका निभाई. इससे भारत को औद्योगिक क्षेत्र में आगे बढ़ने की नई ताकत मिली. उन्होंने खेलों में भी देश का नाम आगे बढ़ाया. उनके प्रयासों से भारत पहली बार ओलंपिक के मंच तक पहुंचा. डीबी सुंदर रामम ने कहा कि सर दोराबजी को सच्ची श्रद्धांजलि उनके विचारों और मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना है.
जंगल के बीच खड़ा किया औद्योगिक शहर
टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने सर दोराबजी टाटा को दूरदर्शी नेता बताया. उन्होंने कहा कि उस समय GPS और आज जैसी आधुनिक तकनीक नहीं थी. इसके बावजूद मुश्किल इलाके में लोहे के अयस्क और पानी के स्रोत तलाशे गए.घने जंगल के बीच उद्योग और शहर बसाना बड़ी चुनौती थी. सर दोराबजी टाटा की सोच और मेहनत से यह इलाका आगे चलकर औद्योगिक शहर बना.
कर्मचारियों के लिए भी लिए बड़े फैसले
संजीव चौधरी टुन्नु ने कहा कि कर्मचारियों की भलाई को लेकर सर दोराबजी टाटा ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए थे. उनके कई फैसले अपने समय से काफी आगे थे. बाद में इनमें से कई व्यवस्थाओं को भारत सरकार के श्रम कानूनों में भी जगह मिली.
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में टाटा स्टील के पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट डॉ. टी मुखर्जी भी मौजूद रहे. टाटा वर्कर्स यूनियन के डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह, उपाध्यक्ष संजीव तिवारी और संजय सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए. सहायक सचिव श्याम बाबू और अजय चौधरी समेत प्रबंधन और यूनियन के कई वरिष्ठ प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. सभी ने सर दोराबजी टाटा के विचारों और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.