Jharkhand Weather Alert: झारखंड में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ने वाला है. आने वाले तीन दिनों तक राज्य भर में बादल छाए रहेंगे, रुक-रुक कर बारिश होगी और गरज के साथ बिजलियां कड़केंगी. मौसम विभाग (रांची) ने चेतावनी दी है कि 29 और 30 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश होगी. वहीं 31 अगस्त को रांची, लातेहार और आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश का बड़ा खतरा है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है.
आज कहां-कहां बरसेंगे बादल?
आज यानी 29 अगस्त को प्रदेश के अधिकतर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होगी. संथाल परगना के जिलों जैसे देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. इसके अलावा रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा, धनबाद के साथ-साथ कोल्हान क्षेत्र (पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला) में भी तेज बौछारें पड़ सकती हैं. बिजली कड़कने और गिरने के खतरे को देखते हुए लोगों को खुले में न जाने की सलाह दी गई है.
कल भी नहीं मिलेगी राहत
30 अगस्त को भी बारिश का दौर थमने वाला नहीं है. संथाल, मध्य झारखंड और कोल्हान के जिलों में जमकर बारिश होगी. खूंटी, रांची, रामगढ़, हजारीबाग, देवघर, दुमका और जमशेदपुर के आसपास हवाओं का जोर रहेगा और कई जगह तेज बारिश से जलजमाव जैसी स्थिति बन सकती है.
31 अगस्त को संभलकर रहने की जरूरत, जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट
महीने के आखिरी दिन यानी 31 अगस्त को बारिश का रूप और उग्र हो सकता है. गुमला, रांची, खूंटी, लोहरदगा और लातेहार में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है.
इसी को देखते हुए मौसम केंद्र ने इन पांचों जिलों में "ऑरेंज अलर्ट" घोषित किया है. बाकी जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का माहौल बना रहेगा.
बालूमाथ में रिकॉर्ड बारिश, तो जमशेदपुर रहा सबसे गर्म
बीते 24 घंटों के दौरान लातेहार के बालूमाथ में सबसे ज्यादा 110 मिमी पानी बरसा. इसके बाद कुमरडुंगी में 89 मिमी बारिश दर्ज की गई.
अजीब बात यह रही कि बारिश के बावजूद जमशेदपुर का पारा 36.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और यह राज्य का सबसे गर्म शहर रहा. वहीं कांके (रांची) में न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री दर्ज हुआ, जो सबसे ठंडा रहा.
आकाश से अचानक क्यों बरसने लगा इतना पानी?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-बंगाल तट के पास समुद्र में एक मजबूत सिस्टम (कम दबाव का क्षेत्र) तैयार हुआ है. साथ ही मानसून की मुख्य रेखा डाल्टनगंज के ऊपर से होकर गुजर रही है. इन दो मौसमी वजहों के टकराने से पूरे झारखंड में झमाझम बारिश की स्थिति बनी हुई है.