Current News: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देश में दलितों के साथ कथित भेदभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दलित समुदाय को जन्म से लेकर मृत्यु तक अलग-अलग स्तर पर सामाजिक भेदभाव और अपमान का सामना करना पड़ता है। राहुल गांधी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े कार्यक्रम के बाद कथित "शुद्धिकरण" की रस्म का भी उल्लेख किया और मामले में कार्रवाई की मांग की।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दलित समाज का कोई व्यक्ति अपने अधिकारों और सम्मान के लिए आवाज उठाता है तो उसे और अधिक विरोध का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समानता और सम्मान का अधिकार देता है, लेकिन सामाजिक स्तर पर अभी भी कई तरह का भेदभाव मौजूद है।
हल्द्वानी मामले में FIR की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम वाली जगह पर कथित तौर पर "शुद्धिकरण" की रस्म की गई। उन्होंने इसे छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए कहा कि संविधान के तहत छुआछूत अपराध है।
उन्होंने दावा किया कि घटना को करीब 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक FIR दर्ज नहीं हुई है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि मामले में SC/ST एक्ट के तहत जल्द FIR दर्ज कराई जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बीजेपी और RSS पर लगाए वैचारिक भेदभाव के आरोप
राहुल गांधी ने बीजेपी और RSS पर दलितों के प्रति कथित भेदभावपूर्ण सोच रखने का आरोप लगाया। उन्होंने राजस्थान की एक घटना का भी जिक्र किया, जिसमें उनके मुताबिक कांग्रेस के एक नेता के मंदिर जाने के बाद "शुद्धिकरण" की रस्म की गई थी।
उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे ने अपना पूरा जीवन देश और संविधान के लिए समर्पित किया है। ऐसे में उनके कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर इस तरह की रस्म किया जाना गंभीर विषय है। राहुल गांधी के अनुसार, "शुद्धिकरण" जैसी परंपराएं दलितों को अशुद्ध मानने वाली सोच को दर्शाती हैं।
संविधान और बीजेपी-RSS की विचारधारा के बीच संघर्ष का दावा
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश में इस समय दो अलग-अलग विचारधाराओं के बीच संघर्ष है। एक ओर संविधान की विचारधारा है, जो समानता और अधिकारों की बात करती है, जबकि दूसरी ओर बीजेपी और RSS की विचारधारा है।
उन्होंने कहा कि संविधान ने दलितों को समानता और सम्मान का अधिकार दिया है, लेकिन सामाजिक व्यवहार में आज भी कई जगह इसका पूरी तरह पालन नहीं हो रहा है।
स्कूलों और सामाजिक जीवन में भेदभाव का मुद्दा
राहुल गांधी ने स्कूलों में दलित बच्चों के साथ कथित भेदभाव का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि कुछ जगहों पर दलित बच्चों से सफाई और झाड़ू लगाने जैसे काम करवाए जाते हैं। उनके मुताबिक, इस तरह के व्यवहार का बच्चों के मन और उनके सामाजिक विकास पर असर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि भेदभाव केवल संस्थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और सामाजिक जीवन के कई हिस्सों में भी इसके उदाहरण देखने को मिलते हैं।
कुएं से पानी से लेकर बारात तक के उदाहरण गिनाए
राहुल गांधी ने दावा किया कि कुछ स्थानों पर दलितों को कुएं से पानी लेने की अनुमति नहीं दी जाती और चाय की दुकानों पर उनके लिए अलग कप या गिलास रखे जाते हैं।
उन्होंने दलित दूल्हों की बारात से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया। राहुल गांधी ने कहा कि कुछ जगहों पर दलित दूल्हों के घोड़ी पर बैठने का विरोध किया जाता है और कथित सामाजिक तनाव के कारण कुछ लोग सुरक्षा के लिए बारात में हेलमेट तक पहनने को मजबूर होते हैं।
"न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस संघर्ष करेगी"
राहुल गांधी ने कहा कि दलितों को संविधान ने बराबरी का अधिकार दिया है और अब इन अधिकारों को व्यवहार में लागू करने की जरूरत है। उन्होंने हल्द्वानी मामले में SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई।
उन्होंने कहा कि यदि न्याय नहीं मिलता है तो कांग्रेस पार्टी अपने तरीके से न्याय की लड़ाई लड़ना जानती है। राहुल गांधी ने सरकार से मामले में जल्द कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की।