Neeraj Chopra Ankle Injury: भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा 2026 के बाकी एथलेटिक्स सीजन में नजर नहीं आएंगे. टखने में गंभीर चोट के बाद उन्होंने डॉक्टरों और अपनी टीम से सलाह लेकर सीजन से हटने का फैसला किया है. दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज ने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी. अब उनका पूरा फोकस चोट से उबरने और फिटनेस हासिल करने पर रहेगा.
अभ्यास के दौरान लगी चोट
लॉजेन डायमंड लीग में नीरज ने 88.05 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो किया था. इसके बाद अभ्यास के दौरान उनके टखने के लिगामेंट में गंभीर चोट लगी. चोट की स्थिति को देखते हुए नीरज ने आगे की प्रतियोगिताओं से नाम वापस लेने का फैसला किया. ऐसे में 2026 में उनकी वापसी अब नहीं होगी.
तीन बड़े टूर्नामेंट मिस करेंगे
नीरज की चोट का सीधा असर भारत की मेडल उम्मीदों पर भी पड़ेगा. वह अब डायमंड लीग फाइनल, वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. डायमंड लीग फाइनल 5 सितंबर को होना है. इसके बाद 13 सितंबर से वर्ल्ड एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप होगी, जबकि सितंबर के आखिर में जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स प्रस्तावित हैं.
अब रोहित यादव पर बड़ी जिम्मेदारी
नीरज की गैरमौजूदगी में एशियन गेम्स के पुरुष जैवलिन इवेंट में भारत की उम्मीदें अब रोहित यादव पर टिकी होंगी. रोहित शानदार फॉर्म में चल रहे हैं. उन्होंने हाल ही में भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर में 87.68 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और प्रतियोगिता अपने नाम की. नीरज के हटने के बाद रोहित के सामने इस प्रदर्शन को बड़े मंच पर दोहराने की चुनौती होगी.
पुरुष जैवलिन में सीमित थी टीम
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने शुरुआत में पुरुष जैवलिन के लिए दो खिलाड़ियों को ही टीम में शामिल किया था. इसी वजह से कुछ अन्य दावेदारों को भी टीम में जगह नहीं मिल सकी. कॉमनवेल्थ गेम्स के कांस्य पदक विजेता यश वीर सिंह जैसे नाम भी इस सूची में शामिल हैं. ऐसे में एशियन गेम्स में पुरुष जैवलिन का दबाव काफी हद तक रोहित यादव पर रहने वाला है.
वापसी पर रहेगा नीरज का फोकस
नीरज के लिए इस समय सबसे जरूरी चुनौती चोट से पूरी तरह उबरना है. मैदान पर उनकी गैरमौजूदगी भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ा झटका जरूर है, लेकिन अब नजर उनकी फिटनेस और अगली वापसी पर रहेगी. वहीं, एशियन गेम्स में भारत की जैवलिन चुनौती को संभालने की जिम्मेदारी रोहित यादव के कंधों पर होगी.