Duleep Trophy Semifinal 2026: दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को पहली बार कप्तानी का अनुभव मिला. ईस्ट जोन के नियमित कप्तान ईशान किशन चोटिल होकर कुछ समय के लिए मैदान से बाहर हुए, जिसके बाद वैभव ने टीम की कमान संभाली. सेंट्रल जोन की बल्लेबाजी के दौरान विकेटकीपिंग करते हुए ईशान के दाहिने अंगूठे में चोट लगी थी. इसके बाद कुमार कुशाग्रा ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली.
पहली कप्तानी और पहला DRS
कप्तानी संभालते ही वैभव ने अपने फैसले से सभी का ध्यान खींच लिया. मैच के 40वें ओवर में उन्होंने अपने करियर का पहला DRS लिया और फैसला सही साबित हुआ. मुकेश कुमार की अपील पर वैभव ने आर्यन जुयाल के खिलाफ कैच-बिहाइंड के फैसले को चुनौती दी. मैदान पर अंपायर ने अपील खारिज कर दी थी. रिव्यू में अल्ट्रा-एज पर गेंद के बल्ले से लगने के संकेत साफ दिखाई दिए. इसके बाद अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा और आर्यन जुयाल को आउट दिया गया.
करीब 20 ओवर तक संभाली कमान
वैभव ने लगभग 20 ओवर तक ईस्ट जोन की कप्तानी की. बाद में ईशान किशन मैदान पर लौट आए. हालांकि वापसी के बाद ईशान ने विकेटकीपिंग नहीं की. इस दौरान वैभव के लिए यह अनुभव खास रहा, क्योंकि उन्होंने पहली बार सीनियर स्तर के घरेलू क्रिकेट में कप्तानी की जिम्मेदारी निभाई.
सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन की पारी
ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच सेमीफाइनल में ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी. रजत पाटीदार की अगुवाई वाली सेंट्रल जोन की टीम ने बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 213 रन बनाए थे. टीम की ओर से रिंकू सिंह ने 60 रन की पारी खेली.
कप्तान रजत पाटीदार 12 रन बनाकर आउट हुए. सेंट्रल जोन की टीम में सारांश जैन की भी वापसी हुई. ईस्ट जोन की गेंदबाजी में मुकेश कुमार ने 3 विकेट लिए. अभिजीत और कुरैशी को 2-2 विकेट मिले, जबकि मोहम्मद शमी के खाते में एक विकेट आया. वैभव सूर्यवंशी के लिए यह मुकाबला इसलिए भी यादगार बन गया, क्योंकि बल्लेबाजी और गेंदबाजी के अलावा उन्हें पहली बार कप्तानी की जिम्मेदारी भी निभाने का मौका मिला.