Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-08-30

Tejashwi Yadav Statement: बिहार में आरक्षण पर सियासी संग्राम, तेजस्वी यादव का बीजेपी और चिराग-मांझी पर हमला; बोले:- "नागपुर से आते हैं संदेश"

Tejashwi Yadav Statement: बिहार में आरक्षण को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के नेताओं के बीच चल रही बयानबाजी अब राजनीतिक टकराव में बदलती नजर आ रही है. इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बीजेपी और उसके सहयोगी दलों पर जोरदार हमला बोला है. तेजस्वी ने कहा कि आरक्षण खत्म करना किसी के बस की बात नहीं है.

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी और RSS अपने सहयोगी नेताओं के जरिए आरक्षण को लेकर जनता की प्रतिक्रिया परखने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अलग-अलग नेताओं के बयानों के जरिए यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आरक्षण के मुद्दे पर लोगों का रुख क्या है.

"गुड़ खाएं, गुलगुले से परहेज"
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, "गुड़ खाएं, गुलगुले से परहेज!" उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और चिराग पासवान आरक्षण के मुद्दे पर RSS के इशारे पर अलग-अलग बातें कर रहे हैं.
तेजस्वी का दावा है कि बीजेपी और RSS सीधे तौर पर अपना रुख सामने रखने के बजाय सहयोगी दलों के नेताओं के बयानों के जरिए आरक्षण समर्थक लोगों की प्रतिक्रिया समझना चाहते हैं.

चिराग और मांझी पर भी साधा निशाना
मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी ने चिराग पासवान और जीतन राम मांझी पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर बयान देने वाले नेताओं को कई बार "नागपुर से संदेश" मिलने का आरोप लगाया जाता है कि किस पक्ष में बोलना है और किसके खिलाफ.
तेजस्वी ने दोहराया, "अभी तक कोई ऐसा पैदा नहीं हुआ है, जो आरक्षण को खत्म कर सके."

उन्होंने कहा कि चिराग पासवान और जीतन राम मांझी ने आरक्षित सीटों से चुनाव जीता और आरक्षण का लाभ लेकर मंत्री बने. तेजस्वी ने सवाल उठाया कि अगर उन्हें आरक्षण व्यवस्था से आपत्ति है तो वे अपने पद से इस्तीफा देकर सामान्य सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं.

तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ-साथ उपेंद्र कुशवाहा, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की पार्टियों की आरक्षण संबंधी नीति पर भी सवाल खड़े किए.

उन्होंने पूछा कि अगर ये दल वास्तव में आरक्षण के पक्ष में हैं तो बिहार में बढ़ाई गई 65 फीसदी आरक्षण सीमा को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कराने की दिशा में कदम क्यों नहीं उठाए गए.
तेजस्वी ने बीजेपी और RSS पर आरक्षण को लेकर लंबे समय से साजिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि चिराग पासवान, जीतन राम मांझी, JDU और RLM के नेता भी इसी राजनीतिक खेमे के साथ खड़े हैं.

RJD नेता ने आरोप लगाया कि इन नेताओं की राजनीति समाज और विचारधारा से ज्यादा "मलाई और कुर्सी" के इर्द-गिर्द घूम रही है.

मोहन भागवत के पुराने बयान का किया जिक्र
तेजस्वी यादव ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के वर्ष 2015 में आरक्षण की समीक्षा को लेकर दिए गए बयान का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि उस समय बिहार की जनता ने चुनाव के जरिए बीजेपी को इसका जवाब दिया था.

तेजस्वी ने मौजूदा आरक्षण विवाद को बीजेपी का "ड्रामा" करार दिया. उनका आरोप है कि पार्टी अपने सहयोगी नेताओं के जरिए जनता के बीच आरक्षण को लेकर माहौल और प्रतिक्रिया का अंदाजा लगाने की कोशिश कर रही है.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मंच के कथित शुद्धिकरण के मामले में राहुल गांधी की ओर से कार्रवाई की मांग पर भी तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने राहुल गांधी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए.


WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !