JPSC Controversy: झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (JPSC) में कथित अनियमितताओं की जांच CBI से कराने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई होने वाली है. शीर्ष अदालत ने इस मामले को 11 सितंबर 2026 के लिए सूचीबद्ध किया है, जिसमें JPSC में कथित गड़बड़ी और धांधली की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है.
चीफ जस्टिस की बेंच करेगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ करेगी. पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं. इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग को नोटिस जारी किया था. दोनों पक्षों से मामले पर जवाब मांगा गया है.
CBI जांच या रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की मांग
याचिकाकर्ता ने JPSC में कथित गड़बड़ियों की जांच CBI को सौंपने की मांग की है. याचिका में यह भी विकल्प रखा गया है कि अगर जांच CBI को नहीं दी जाती है, तो इसकी निगरानी किसी सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से कराई जाए. याचिकाकर्ता का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और भरोसेमंद जांच जरूरी है, ताकि पूरी स्थिति सामने आ सके.
यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन की ओर से दाखिल की गई है. उनकी ओर से अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत सुप्रीम कोर्ट में मामले की पैरवी कर रहे हैं. अब 11 सितंबर की सुनवाई में झारखंड सरकार और JPSC की ओर से दिए गए जवाब के बाद मामले की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है.