Jharkhand Weather & Flood Alert: झारखंड में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने राज्य के सभी 24 जिलों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड की आशंका जताई है. मौसम विभाग के मुताबिक, 2 सितंबर की सुबह 5:30 बजे तक का समय संवेदनशील रह सकता है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों, सड़कों और खेतों में तेजी से पानी भरने का खतरा है.
सभी 24 जिले अलर्ट पर
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार झारखंड के किसी भी हिस्से को फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना गया है. रांची, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला और खूंटी समेत राजधानी और आसपास के जिलों में भी फ्लैश फ्लड का खतरा है. पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा और गिरिडीह में भी सतर्कता जरूरी है. संथाल परगना के देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज भी अलर्ट वाले इलाकों में हैं. धनबाद, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में भी अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है.
लगातार बारिश से जमीन की पानी सोखने की क्षमता घटी
कई दिनों से हो रही बारिश के कारण जमीन पहले ही काफी पानी सोख चुकी है. अब अगर तेज बारिश जारी रहती है, तो पानी के जमीन में जाने की संभावना कम होगी. ऐसे में बारिश का पानी तेजी से सतह पर बह सकता है. इससे निचले इलाकों, खेतों और सड़कों पर अचानक जलभराव हो सकता है. शहरी क्षेत्रों में भी नालियों और निचले हिस्सों में पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है.
पड़ोसी राज्यों में भी फ्लैश फ्लड का खतरा
मौसम विभाग ने झारखंड के साथ आसपास के कई राज्यों के लिए भी अलर्ट जारी किया है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली, सोनभद्र, वाराणसी, मिर्जापुर, मऊ, गाजीपुर, जौनपुर, भदोही, प्रयागराज, कौशांबी और चित्रकूट में खतरा बताया गया है. पूर्वी मध्य प्रदेश के सिंगरौली, सीधी, रीवा, डिंडोरी, मंडला, मैहर, मऊगंज, सिवनी, बालाघाट और अनूपपुर में भी सतर्क रहने की जरूरत है. बिहार में भभुआ, औरंगाबाद, गया, नवादा, रोहतास, अरवल और बक्सर प्रभावित इलाकों में शामिल हैं. ओडिशा में संबलपुर, सुंदरगढ़, मयूरभंज, केंदुझर और बालासोर के लिए भी चेतावनी है. इसके अलावा गंगीय पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पश्चिमी मेदिनीपुर, पुरुलिया और बांकुड़ा तथा छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भी फ्लैश फ्लड का खतरा बताया गया है.
प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को सतर्क रहने को कहा गया है. संभावित जलभराव वाले इलाकों पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है. प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे नदी, नाला और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें. निचले इलाकों में रहने वाले लोग मौसम की स्थिति पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहें.