Palamu News: पलामू के मेदिनीनगर में भीख मांग रहे दो बच्चों के पेट पर चीरे के निशान मिलने से मामला गंभीर हो गया है. दोनों बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) ने रेस्क्यू कर बाल गृह भेज दिया है. पेट के किडनी वाले हिस्से के आसपास निशान मिलने के बाद अंग तस्करी की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है.
सूचना मिलते ही हुआ रेस्क्यू
CWC को जानकारी मिली थी कि भीख मांगने वाले कुछ बच्चों के पेट पर संदिग्ध निशान हैं. सूचना के आधार पर CWC और चाइल्डलाइन की टीम ने कार्रवाई की. टीम ने दो बच्चों को मौके से रेस्क्यू कर लिया. वहीं, एक अन्य बच्चा वहां से भागने में सफल रहा.
मिर्जापुर में रहने की बात
शुरुआती काउंसलिंग में बच्चों ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में रहने वाले अपने मामा-मामी के साथ भीख मांगते हैं. इसी बीच बिहार के गया जिले से एक दंपती CWC के पास पहुंचा. दंपती ने दोनों बच्चों को अपना बेटा बताया. इस दावे के बाद पूरे मामले को लेकर CWC का संदेह और बढ़ गया है.
मेडिकल जांच से खुलेगा राज
CWC सदस्य रविशंकर के मुताबिक, बच्चों के शरीर पर मिले निशानों को देखते हुए MMCH अधीक्षक को मेडिकल जांच के लिए पत्र भेजा गया है. दोनों बच्चों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है. मंगलवार को विशेषज्ञों की निगरानी में मेडिकल जांच कराई जाएगी.
बच्चों के बयानों में भी उलझन
काउंसलिंग के दौरान एक बच्चे ने पेट में गांठ होने की बात कही, जबकि दूसरे ने पथरी की जानकारी दी. CWC के अनुसार, बच्चों से बातचीत में कुछ ऐसे बयान भी सामने आए हैं, जिनसे मामले की तस्वीर अभी साफ नहीं हो पाई है. अब मेडिकल जांच और रिपोर्ट का इंतजार है. रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पेट पर मिले चीरे के निशान की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल CWC पूरे मामले की जांच कर रही है और बच्चों से जुड़ी अन्य जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं.