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  • 2026-09-02

National News: केरल में महिलाओं को लेकर कांतापुरम के बयान पर सीएम सतीशन ने जताई असहमति, कहा:- 21वीं सदी में ऐसी सोच की जगह नहीं

National News: केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने सुन्नी इस्लामी विद्वान कांतापुरम एपी अबूबकर मुसलियार के महिलाओं को घर तक सीमित रखने वाले बयान पर असहमति जताई है। बुधवार को राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सतीशन ने कहा कि ऐसी सोच प्रगतिशील केरल के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने की क्षमता रखती हैं।


कांतापुरम के बयान को बताया पिछड़ी सोच

कांतापुरम एपी अबूबकर मुसलियार ने रविवार को कोच्चि में आयोजित एक कार्यक्रम में महिलाओं के सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होने पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि महिलाओं को घर की चारदीवारी के भीतर रहना चाहिए और इस्लाम में पर्दा तथा घर में रहने की परंपरा का उल्लेख मिलता है। उन्होंने यह भी कहा था कि उनके संगठन के विद्वान लंबे समय से इसी विचार को आगे बढ़ाते रहे हैं।

इसके जवाब में सतीशन ने कहा कि वह इस विचार से सहमत नहीं हैं। उनके मुताबिक महिलाओं को केवल घरेलू भूमिका तक सीमित रखना 21वीं सदी के समाज की सोच नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सामाजिक भागीदारी समाज के विकास के लिए जरूरी है।


इस्लामी इतिहास का उदाहरण देकर रखी अपनी बात

सतीशन ने अपनी बात के समर्थन में इस्लामी इतिहास में मौजूद महिलाओं के उदाहरणों का उल्लेख किया। उन्होंने रानी बिलकिस का हवाला देते हुए कहा कि इतिहास में एक ऐसी महिला शासक का उदाहरण मिलता है, जिसने शासन के साथ सैन्य नेतृत्व और कारोबार में भी भूमिका निभाई।

उन्होंने खलीफाओं के शासनकाल से जुड़ी एक घटना का भी जिक्र किया। सतीशन के अनुसार, उस दौरान एक महिला ने मेहर से संबंधित शासक के फैसले पर आपत्ति जताई थी और शासक ने उसके तर्क को स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक उदाहरण बताते हैं कि महिलाओं की बात को उस दौर में भी महत्व दिया जाता था।

महिलाओं की भागीदारी को बताया जरूरी

सतीशन ने कहा कि महिलाएं जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ें और समाज के विकास में योगदान दें, यह जरूरी है। उन्होंने कांतापुरम के बयान को केरल की मौजूदा सामाजिक सोच से अलग बताया।

इससे पहले केरल की महिला एवं बाल विकास मंत्री बिंदु कृष्णा और वरिष्ठ माकपा नेता पीके श्रीमती ने भी कांतापुरम की टिप्पणी की आलोचना की थी। कांतापुरम ने अपने बयान में कहा था कि वह इस्लामी धार्मिक मान्यताओं के आधार पर महिलाओं को लेकर अपनी राय रखते रहेंगे।

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