Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-09-03

Jharkhand News: झारखंड में अवैध लिंग जांच की सूचना देने पर मिलेगा 1 लाख तक का इनाम, 104 हेल्पलाइन नंबर जारी

Jharkhand: झारखंड में कन्या भ्रूण हत्या और अवैध लिंग जांच पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने की तैयारी की है. इसके लिए अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को कानून के तहत कार्रवाई की पूरी जानकारी दी गई. गुरुवार को नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान में पीसीपीएनडीटी एक्ट को लेकर राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला हुई. इसमें सभी जिलों से स्वास्थ्य अधिकारी, दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए.

अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर रहेगी नजर
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित जांच जरूरी है. उन्होंने साफ कहा कि भ्रूण का लिंग बताना गंभीर अपराध है. उन्होंने कहा कि अगर कोई डॉक्टर, क्लीनिक या संस्थान इस तरह की गतिविधि में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. रांची, धनबाद और जमशेदपुर जैसे बड़े शहरों में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है.

फर्जी डॉक्टरों और अवैध क्लीनिक पर कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने फर्जी डॉक्टरों और बिना लाइसेंस चल रहे क्लीनिकों की भी जांच करने को कहा है. नियमों का पालन नहीं करने वाले अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर भी कार्रवाई की जाएगी. दोषी पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने के साथ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है.

अवैध लिंग जांच की सूचना पर मिलेगा इनाम
एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि अवैध लिंग जांच की जानकारी देने वालों के लिए इनाम योजना शुरू की गई है. इस पूरी प्रक्रिया में अधिकतम 1 लाख रुपये तक दिए जाएंगे. मुख्य मुखबिर को 40 हजार रुपये मिलेंगे. डिकॉय अभियान में शामिल गर्भवती महिला को भी 40 हजार रुपये दिए जाएंगे. वहीं सहयोगी को 20 हजार रुपये मिलेंगे. अवैध लिंग जांच से जुड़ी शिकायत 104 हेल्पलाइन पर की जा सकती है. सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखने की बात कही गई है.

अधिकारियों को दी गई कार्रवाई की ट्रेनिंग
कार्यशाला में अधिकारियों को अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच करने की प्रक्रिया समझाई गई. इसके अलावा मशीन जब्त करने और क्लीनिक सील करने की कार्रवाई के बारे में भी जानकारी दी गई. मामला सामने आने के बाद कोर्ट में केस दर्ज कराने की प्रक्रिया भी अधिकारियों को बताई गई. इसके साथ ही "गरिमा झारखंड" पोर्टल के इस्तेमाल की जानकारी दी गई. इसके जरिए अल्ट्रासाउंड मशीनों की ऑनलाइन निगरानी और रिपोर्टिंग की जाएगी.


WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !