Jharkhand BJP: झारखंड में छात्र आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमों को लेकर सियासत तेज हो गई है. भाजपा के प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू ने छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है. आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि झारखंड बनने के बाद से झामुमो और कांग्रेस की सरकारों ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया. उन्होंने कहा कि अब नौकरी और भर्ती से जुड़े सवाल उठाने वाले छात्रों पर ही मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं.
छात्र आंदोलन पर कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल
आदित्य साहू ने कहा कि रांची में छात्रों ने बिना किसी राजनीतिक दल के समर्थन के आंदोलन किया था. उनके मुताबिक, इस प्रदर्शन का मकसद नौकरी और भर्ती से जुड़े मामलों में गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाना था. उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के बाद छात्रों पर केस दर्ज कर उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है. भाजपा नेता ने कोचिंग संस्थानों के संचालकों पर भी दबाव बनाने का आरोप लगाया.
आदित्य साहू ने कहा कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ कथित मारपीट की घटनाएं भी सामने आई थीं. उन्होंने सवाल किया कि अगर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कार्रवाई हो रही है, तो छात्रों के साथ मारपीट के आरोपों का सामना कर रहे JMM कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई.
भाजपा नेता ने दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि वहां कांग्रेस के इशारे पर प्रदर्शन हुआ और प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया. इसके मुकाबले रांची के आंदोलन को उन्होंने गैर-राजनीतिक बताया. उनका कहना था कि यहां छात्रों ने अपने मुद्दों को लेकर आवाज उठाई थी.
आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा छात्रों पर दर्ज मुकदमों का शुरुआत से विरोध कर रही है. उन्होंने बताया कि करीब 48 घंटे पहले भाजपा का प्रतिनिधिमंडल मुख्य सचिव से मिला था. इस दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की गई थी. आदित्य साहू ने कहा कि इसके बाद झामुमो और कांग्रेस के नेता भी मुख्य सचिव से मिले और छात्रों पर कार्रवाई की मांग की. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ये नेता सरकार में हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखनी चाहिए थी. मुख्य सचिव को ज्ञापन देने को लेकर उन्होंने कहा कि इससे सरकार के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े होते हैं.
आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड के छात्र पढ़ाई पूरी कर राज्य और देश का नाम रोशन कर सकते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है और पुलिस के जरिए उन्हें डराने का प्रयास किया जा रहा है. भाजपा नेता ने चेतावनी दी कि अगर छात्रों के परिवार और उनके गांव के लोग भी आंदोलन में शामिल होकर सड़क पर उतर गए तो सरकार के लिए स्थिति संभालना मुश्किल हो सकता है.
8 सितंबर से BJP का जिला स्तर पर आंदोलन
आदित्य साहू ने छात्रों पर दर्ज मुकदमों को तत्काल वापस लेने की मांग की है. उन्होंने कहा कि भाजपा अब इस मुद्दे को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन करेगी. 8 सितंबर से अलग-अलग जिलों में DC और SP कार्यालयों का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा.
किस जिले में किस दिन होगा प्रदर्शन?
- 8 सितंबर को रांची, दुमका, गिरिडीह और गढ़वा में प्रदर्शन होगा.
- 9 सितंबर को कोडरमा, साहिबगंज, पलामू और चाईबासा में भाजपा कार्यकर्ता DC और SP कार्यालयों का घेराव करेंगे.
- 10 सितंबर को सरायकेला-खरसावां, पाकुड़, धनबाद, गुमला, लातेहार और चतरा में आंदोलन होगा.
- 11 सितंबर को जामताड़ा और खूंटी में प्रदर्शन किया जाएगा.
भाजपा ने कहा है कि अगर छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन को और बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा.