Jharkhand Politics: झारखंड में सत्ता परिवर्तन और NDA सरकार बनने को लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है. झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि राज्य में सरकार का फैसला जनता के वोट से होता है, किसी नेता के बयान से नहीं. राकेश सिन्हा ने कहा कि रामदास आठवले को झारखंड की चुनी हुई सरकार पर टिप्पणी करने से पहले केंद्र में अपने मंत्री पद के कामकाज का हिसाब देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें जनता के जनादेश से बनती और बदलती हैं. ऐसे में झारखंड में सत्ता परिवर्तन की भविष्यवाणी करना जनादेश का अपमान है.
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा झारखंड में चुनाव के जरिए सत्ता हासिल नहीं कर पाने के बाद राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है. राकेश सिन्हा ने कहा कि झारखंड की जनता ने अपना फैसला दे दिया है. अब किसी भी तरह का सत्ता परिवर्तन संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत ही संभव है. उन्होंने भाजपा से कहा कि अगर उसे लगता है कि जनता उसके साथ है तो उसे अगले चुनाव का इंतजार करना चाहिए.
राकेश सिन्हा ने रामदास आठवले के सामाजिक न्याय से जुड़े बयान पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को बताना चाहिए कि पिछले वर्षों में झारखंड के आदिवासी, दलित, पिछड़े, किसान, युवा और मजदूरों के लिए क्या किया गया. कांग्रेस नेता ने झारखंड की खनिज संपदा से केंद्र को मिलने वाले राजस्व और राज्य के हिस्से को लेकर भी भाजपा नेताओं से जवाब मांगा.
छात्र आंदोलनों पर हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए राकेश सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस युवाओं के साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी छात्र या युवा के साथ अन्याय का समर्थन नहीं करती. साथ ही उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में रोजगार और दूसरे मुद्दों को लेकर आंदोलन करने वाले युवाओं के साथ व्यवहार पर भी सवाल उठाया. उन्होंने केंद्र सरकार से रोजगार को लेकर किए गए वादों का हिसाब देने की मांग की.
राकेश सिन्हा ने झारखंड को "माइनिंग हब" बताए जाने को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नजर राज्य की जमीन, जंगल, पानी और खनिज संपदा पर है. कांग्रेस नेता ने कहा कि ये संसाधन झारखंड की जनता के हैं और इनका इस्तेमाल राज्य के हित में होना चाहिए.
उन्होंने केंद्र सरकार से लंबित केंद्रीय परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश, रोजगार और राज्य की बकाया राशि जैसे मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की.
कांग्रेस नेता ने कहा कि रामदास आठवले सामाजिक न्याय और आरक्षण की बात करते हैं, इसलिए उन्हें केंद्र सरकार के उन फैसलों पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, जिनसे आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों के हित प्रभावित होने का कांग्रेस आरोप लगा रही है. उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक बयान देने के बजाय इन वर्गों के अधिकार और विकास से जुड़े सवालों पर भी जवाब देना चाहिए.
राकेश सिन्हा ने कहा कि झारखंड को राजनीतिक प्रयोगशाला की तरह नहीं देखा जा सकता. उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता अपने अधिकारों को लेकर जागरूक है और किसी भी बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी. कांग्रेस नेता ने कहा कि झारखंड के लोगों को सिर्फ भाषण नहीं, बल्कि अधिकार, रोजगार, सम्मान और विकास चाहिए.
राकेश सिन्हा ने कहा कि अगर भाजपा को लगता है कि जनता उसके साथ है तो उसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव का इंतजार करना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि पीछे के रास्ते से सत्ता हासिल करने की किसी भी कोशिश का कांग्रेस विरोध करेगी.
झारखंड में सत्ता परिवर्तन को लेकर आठवले के बयान के बाद कांग्रेस की यह प्रतिक्रिया राज्य में आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत के तौर पर देखी जा रही है.