Red Fort Blast: 10 नवंबर 2025 की शाम दिल्ली में लाल किले के पास एक वाहन में विस्फोट हुआ था. NIA की जांच में इस घटना को लेकर कई अहम बातें सामने आई हैं. जांच के अनुसार, संदिग्ध उमर उन नबी ने पहले चांदनी चौक में लाल मंदिर के पास वाहन खड़ा करने की कोशिश की थी. यह करीब शाम 6:37 बजे की बात है. वहां भारी ट्रैफिक था. साथ ही पुलिस की मौजूदगी भी थी. इसके बाद उसने अपनी योजना बदल दी और वाहन को लाल किले की तरफ ले गया.
13 मिनट बाद लाल किले के पास हुआ विस्फोट
NIA के अनुसार, उमर उन नबी ने वाहन को लाल किले की तरफ मोड़ा. करीब 13 मिनट बाद शाम 6:50 बजे गेट नंबर चार के पास विस्फोट हो गया. जांच एजेंसी का कहना है कि यह दिल्ली में अपनी तरह का पहला वाहन से किया गया IED हमला था.
जूते में लगाया गया था रिमोट सिस्टम
जांच में विस्फोट को लेकर एक और अहम जानकारी सामने आई. NIA के अनुसार, जूते में रिमोट से चलने वाला सिस्टम लगाया गया था. फोरेंसिक जांच के दौरान जूते की एड़ी के धातु वाले हिस्से से विस्फोटक सामग्री के साक्ष्य मिले. इनमें TATP, पोटैशियम और अमोनियम नाइट्रेट के साक्ष्य शामिल हैं.
DNA जांच से उमर उन नबी की पहचान हुई
घटनास्थल और वाहन से कई नमूने जुटाए गए थे. इन नमूनों की DNA जांच कराई गई. जांच में मिले DNA का मिलान उमर उन नबी के माता पिता के DNA से कराया गया. इसके बाद उसकी पहचान की पुष्टि हुई. NIA के आरोपपत्र के मुताबिक, विस्फोट से पहले उमर उन नबी ने लाल मंदिर के पास वाहन ले जाने की कोशिश की थी. लेकिन वहां की स्थिति को देखते हुए उसने रास्ता बदल दिया. इसके बाद वाहन लाल किले की ओर पहुंचा और शाम 6:50 बजे गेट नंबर चार के पास विस्फोट हुआ. मामले में NIA की जांच और कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ रही है.