Jharkhand News: झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर सक्रिय माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है. 15 लाख रुपये के इनामी माओवादी रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन ने अपनी पत्नी मीता उर्फ नयनतारा के साथ कोलकाता में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है. मीता पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था. दोनों पर कुल 25 लाख रुपये का इनाम था.
रामप्रसाद मार्डी पूर्वी सिंहभूम के पटमदा क्षेत्र के झुंझका गांव का रहने वाला बताया गया है. पुलिस के अनुसार, वह करीब दो दशक से माओवादी संगठन से जुड़ा हुआ था. सारंडा, दलमा, अयोध्या हिल्स और जंगलमहल के इलाकों में उसकी सक्रियता रही है.
कई गंभीर मामलों में वांछित था रामप्रसाद
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रामप्रसाद कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित था. इनमें सिलदा EFR कैंप पर हमला, बारूदी सुरंग विस्फोट और पूर्व सांसद सुनील महतो की हत्या का मामला भी शामिल है.
सुरक्षा बलों के अभियान से बढ़ा दबाव
झारखंड और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जंगलों में सुरक्षा बलों की ओर से लगातार तलाशी और कॉम्बिंग अभियान चलाए जा रहे हैं. इसी बीच रामप्रसाद और उसकी पत्नी के संगठन छोड़कर आत्मसमर्पण करने की बात सामने आई है.
पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने हाल में सीमावर्ती क्षेत्रों में रामप्रसाद के खिलाफ पोस्टर भी लगाए थे. वहीं सारंडा और कोल्हान के जंगलों में जारी अभियानों के कारण माओवादी दस्तों पर दबाव बढ़ने की बात कही जा रही है.
पश्चिम बंगाल में आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत पहले भी कई इनामी माओवादी कोलकाता में सरेंडर कर चुके हैं. इनमें 10 लाख रुपये की इनामी पुष्पा महतो, 15 लाख की इनामी श्रद्धा विश्वास उर्फ बेला सरकार, मढ़ई पात्रा और रंजीत पाल शामिल हैं.
इधर, एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल उर्फ आकाश को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं. सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों के दबाव के बाद उसने अपना पुराना ठिकाना छोड़ दिया है. पुलिस और खुफिया एजेंसियां झारखंड-बंगाल सीमा से जुड़े जंगलों में उसकी तलाश कर रही हैं. रामप्रसाद मार्डी और मीता के आत्मसमर्पण को सीमा क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है.