JSSC CGL Exam Cancelled: JSSC CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले को लेकर राज्य सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा है. सरकार की ओर से दाखिल शपथ पत्र में कहा गया है कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आने के बाद इसे रद्द करने का फैसला लिया गया. कार्मिक विभाग के संयुक्त सचिव अमर कुमार की ओर से दाखिल जवाब में परीक्षा रद्द करने के पीछे की वजहों का विस्तार से उल्लेख किया गया है.
सही और गलत तरीके से पास अभ्यर्थियों की पहचान मुश्किल
सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि जांच के दौरान यह स्पष्ट करना मुश्किल हो गया था कि किन अभ्यर्थियों ने सही तरीके से परीक्षा पास की और किन्होंने गलत तरीके का सहारा लिया. ऐसी स्थिति में पूरी परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित मानते हुए उसे रद्द करने का फैसला लिया गया. सरकार ने कहा कि यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखकर लिया गया.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला
सरकार ने अपने जवाब में सुप्रीम कोर्ट के वानशिखा बनाम केंद्र सरकार मामले का भी उल्लेख किया है. शपथ पत्र के अनुसार, यदि किसी परीक्षा की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो जाए और सही तरीके से सफल अभ्यर्थियों को गलत तरीके से सफल अभ्यर्थियों से अलग करना संभव नहीं हो, तो ऐसी स्थिति में पूरी परीक्षा रद्द की जा सकती है.
प्रश्न पत्र की छपाई से लेकर सप्लाई तक एजेंसी के पास था काम
सरकार के अनुसार, JSSC CGL परीक्षा से जुड़े कई गोपनीय काम ICN टेक्नोलॉजी को सौंपे गए थे. प्रश्न पत्र की छपाई और उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी इसी एजेंसी के पास थी. इस मामले में एजेंसी के CEO सोमांश प्रकाश समेत 28 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पूरे मामले की CID जांच जारी है. जांच के सिलसिले में 265 लोगों को नोटिस भी दिया गया है.
कई जगह पहले से बताए गए सवाल-जवाब
सरकार ने शपथ पत्र में जांच के दौरान सामने आई जानकारी का भी जिक्र किया है. इसके मुताबिक, नेपाल, आसनसोल, कोलकाता, बिहार, गिरिडीह और बोकारो समेत कई जगहों पर अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले सवालों के जवाब बताए जाने की जानकारी मिली. जांच में पैसों के लेन-देन से जुड़े सबूत मिलने की बात भी सरकार ने अपने जवाब में कही है.
नेपाल में तैयारी करने वाले 28 छात्रों में 10 सफल
सरकार के अनुसार, नेपाल में परीक्षा की तैयारी करने वाले 28 छात्रों में से 10 अभ्यर्थी JSSC CGL परीक्षा में सफल हुए थे. सरकार ने यह भी बताया कि नियुक्ति पत्र में पहले ही यह स्पष्ट किया गया था कि नियुक्ति CID जांच के परिणाम से प्रभावित होगी.
जांच के बाद कैबिनेट ने लिया परीक्षा रद्द करने का फैसला
शपथ पत्र में कहा गया है कि CID जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए. इसके बाद कैबिनेट ने JSSC CGL परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया. अब सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष परीक्षा रद्द करने के फैसले के पीछे इन कारणों को रखा है.