सरायकेला जिले के बीरबांस गांव में स्थित ब्रेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मुख्य गेट पर सोमवार को विस्थापित ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन जाम लगा दिया। यह आंदोलन जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष तरुण महतो के नेतृत्व में शुरू हुआ। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की मांग है कि उन्हें कंपनी में स्थायी रोजगार दिया जाए।
आपको बता दे कि यह कंपनी 15 विस्थापित परिवारों की जमीन पर स्थापित की गई है, और फिलहाल उत्पादन भी जारी है। इसके बावजूद, अब तक कंपनी प्रबंधन ने किसी भी एक विस्थापित परिवार के सदस्य को स्थायी नौकरी नहीं दी है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे पहले भी वे जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक दशरथ गागराई के माध्यम से कंपनी प्रबंधन के साथ कई बार बातचीत कर चुके हैं, लेकिन उनकी बातें हर बार नजरअंदाज की गईं। अब जब सब्र का बांध टूट गया, तो उन्होंने कंपनी गेट को पूरी तरह जाम कर दिया है।
विस्थापितों ने दो टूक कहा है कि जब तक कंपनी प्रबंधन उनकी मांगों को नहीं मानता, तब तक यह धरना और जाम जारी रहेगा। वे अपने हक की लड़ाई को लेकर पूरी तरह एकजुट हैं और किसी भी हाल में पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
जब पत्रकारों ने कंपनी प्रबंधन से उनका पक्ष जानने की कोशिश की, तो उन्होंने कैमरा देखते ही वहां से बचने की कोशिश की और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इससे लोगों के बीच और भी नाराजगी देखने को मिली।