सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां इलाज के अभाव में एक दिव्यांग वृद्ध की मौत हो गई। वृद्ध तीन दिनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का चक्कर लगा रहा था, लेकिन समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई।
स्थानीय ग्रामीणों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि अगर समय पर वृद्ध का इलाज होता, तो उसकी मौत नहीं होती। स्थानीय पूर्व पार्षद सचिन सिंह ने स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी को वृद्ध की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि अगर समय पर वृद्ध का ईलाज किया जाता तो दिव्यांग वृद्ध की मौत नहीं होती।
वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने वृद्ध की मौत की जिम्मेदारी से इनकार किया है,उनका कहना है कि वृद्ध को कहीं और से लाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर छोड़ा गया था।
हालांकि, आसपास के ग्रामीणों ने वृद्ध को चार दिनों से स्वास्थ्य केंद्र के इर्द-गिर्द घूमते हुए देखा था। इस घटना ने गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी भी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहे हैं।