सरायकेला: सरायकेला जिला मंडल कारा में बंदियों के अधिकारों, स्वास्थ्य और विधिक सहायता को ध्यान में रखते हुए एक दिवसीय मासिक जेल अदालत, विधिक जागरूकता शिविर एवं चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस संयुक्त कार्यक्रम का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को न केवल उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की जानकारी देना था, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में पुनः जोड़ने के लिए प्रेरित करना भी था।
कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के सचिव तौसीफ मेराज ने जेल परिसर में उपस्थित होकर बंदियों को संबोधित किया। उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता, मध्यस्थता (मेडिएशन) के लाभ, एवं आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत (13 सितंबर को आयोजित) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बंदियों से कहा कि सजा पूरी होने के पश्चात वे समाज में एक जिम्मेदार और सकारात्मक भूमिका निभाते हुए जीवन की नई शुरुआत करें।
इस दौरान बंदियों के द्वारा प्रस्तुत कुल पांच आवेदनों पर विचार किया गया। इसके साथ ही जेल में बंदियों की स्वास्थ्य जांच भी की गई, जिससे उनके समग्र कल्याण की दिशा में प्रयास सुनिश्चित किया जा सके।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल बंदियों के मानसिक, सामाजिक एवं कानूनी सशक्तिकरण में सहायक होते हैं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और पुनर्वास की भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं।