BIHAR BREAKING: बिहार की राजनीति में इस वक्त एक ऐसी चर्चा ने जोर पकड़ा है, जिसने सियासी गलियारों में भूकंप ला दिया है. कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की सत्ता छोड़कर दिल्ली की राजनीति का रुख कर सकते हैं. 2026 के राज्यसभा चुनाव के लिए जेडीयू (JDU) के कोटे से जिन दो नामों की चर्चा है, उनमें से एक नाम खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बताया जा रहा है. अगर ऐसा होता है, तो करीब दो दशकों से बिहार की धुरी रहे नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़ना तय माना जा रहा है.
5 मार्च को नामांकन की चर्चा, क्या है संवैधानिक पेच?
सियासी हलकों में खबर उड़ रही है कि नीतीश कुमार 5 मार्च को राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि वे तुरंत मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ देंगे. जानकारों का कहना है कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, वे सांसद बनने के बाद भी अगले 6 महीने तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं. यह समय राज्य में “उत्तराधिकार योजना” को लागू करने और सत्ता के सुचारु हस्तांतरण के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इसी बीच, जेडीयू ने कल एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें इन तमाम अटकलों पर आधिकारिक मुहर लग सकती है.
निशांत कुमार की “सरप्राइज एंट्री” और डिप्टी सीएम की चर्चा
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों के बीच उनके बेटे निशांत कुमार के नाम ने सबको चौंका दिया है. लंबे समय तक राजनीति से दूर रहने वाले निशांत कुमार को लेकर चर्चा है कि उन्हें बिहार का उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. सूत्र बताते हैं कि नीतीश कुमार केंद्र में बड़ी भूमिका तभी स्वीकार करेंगे, जब बिहार में उनके उत्तराधिकारी के तौर पर निशांत की स्थिति मजबूत हो. हालांकि, विपक्ष इस मुद्दे पर हमलावर है और इसे “परिवारवाद” का नया अध्याय बता रहा है.
क्या बीजेपी पहली बार बिहार में संभालेगी कमान?
अगर नीतीश कुमार दिल्ली जाते हैं, तो गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यमंत्री पद पर अपना मजबूत दावा पेश करेगी. 2025 के चुनाव परिणामों में बीजेपी ने 89 सीटें जीतकर जेडीयू (85 सीटें) पर बढ़त बनाई थी. ऐसे में बीजेपी के पास अपना मुख्यमंत्री बनाने का सुनहरा अवसर होगा. पार्टी पहले ही नितिन नवीन और शिवेश कुमार को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित कर चुकी है, जिससे यह साफ है कि बीजेपी अब बिहार में “बड़े भाई” की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है.
बिहार का अगला मुखिया कौन? दावों और हकीकत का टकराव
नीतीश कुमार की राज्यसभा जाने की खबरें पहले भी कई बार आ चुकी हैं, लेकिन इस बार जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की दिल्ली-पटना दौड़ ने इन कयासों को आधार दे दिया है. दूसरी तरफ, विपक्ष के नेता और पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने सवाल उठाया है कि जब जनता ने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए जनादेश दिया था, तो चुनाव के महज कुछ महीनों बाद ही सत्ता परिवर्तन क्यों किया जा रहा है? फिलहाल, सबकी नजरें अगले 24 से 48 घंटों में होने वाली एनडीए विधायकों की बैठक पर टिकी हैं, जहां बिहार के भविष्य का फैसला हो सकता है.