जमशेदपुर : 13 सितंबर 2025. बालिगुमा और आसपास के ग्रामीणों ने डिमना नाले के किनारे हो रहे अवैध अतिक्रमण और अधूरे पुल निर्माण कार्य को लेकर गंभीर चिंता जताई है. ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल विकास की रफ्तार रोक रही है, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन चुकी है.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुखना बस्ती क्षेत्र में मनोज सिंह द्वारा सरकारी भूमि पर पक्का निर्माण किया गया है. डिमना डैम से पानी छोड़े जाने पर इन घरों में पानी भर जाता है, जिससे मिट्टी का कटाव होता है और घर गिरने का खतरा बना रहता है. इसके बावजूद यहां रहन-सहन जारी है और लगातार मरम्मत होती रहती है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है.
मानगो नगर निगम और अंचल कार्यालय की संयुक्त जांच (पत्रांक 1210, दिनांक 27 जुलाई 2023) में यह प्रमाणित किया जा चुका है कि संबंधित भूमि सरकारी है और उस पर अवैध निर्माण हुआ है. इस मामले में बी.पी.एल.ई./जे.पी.एल.ई. केस संख्या 29/23-24 भी दर्ज है. नगर निगम ने भवन को सील किया था, लेकिन सील तोड़कर दोबारा निर्माण शुरू कर दिया गया, जो सीधे-सीधे प्रशासनिक आदेश की अवहेलना है.
ग्रामीणों की सबसे बड़ी समस्या अधूरा पड़ा हुआ पुल है, जो बालिगुमा को डिमना से (वाया जयपाल कॉलोनी) जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था. पुल का तीन पाया बन चुका है, लेकिन चौथे पाया की जगह अतिक्रमण कर घर बना दिए जाने से निर्माण अधर में अटक गया है. इस कारण हजारों ग्रामीणों को रोज लंबा चक्कर लगाना पड़ता है. स्कूली बच्चों, कामकाजी महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है. बरसात में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे कभी भी जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
ग्रामीणों ने मांग की है कि सरकारी भूमि पर हुए अवैध निर्माण को तुरंत हटाया जाए और अधूरा पड़े पुल निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू कराया जाए. उनका कहना है कि यह केवल विकास का ही नहीं बल्कि जनसुरक्षा का भी सवाल है. समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में यह समस्या बड़े हादसे का कारण बन सकती है.
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, मानगो नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से शीघ्र और ठोस कदम उठाने की अपील की है.