Jamshedpur New : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कोल्हान विभाग के द्वारा कोल्हान विश्वविद्यालय के सभी अंगीभूत महाविद्यालय की मूलभूत सुविधाओं, देरी से चल रहे शैक्षणिक सत्र और रिजल्ट में गड़बड़ी की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन और तालाबंदी किया गया. इस दौरान अभाविप की मुख्य मांग रही कि विश्वविद्यालय में चल रहे शैक्षणिक सत्र को जल्द से जल्द ठीक किया जाए ताकि विद्यार्थी समय पर अपनी डिग्री पूरी कर सकें.
छात्र संगठन ने कहा कि विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले अधिकतर महाविद्यालय में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. न पीने का पानी, न साफ शौचालय और न ही रास्तों की सही व्यवस्था है. इन सभी को तुरंत दुरुस्त कराने और छात्रों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई.
अभाविप ने यह भी कहा कि जब तक सरकार द्वारा स्थायी शिक्षक नियोजित नहीं हो जाते तब तक गेस्ट फैकल्टी की व्यवस्था विश्वविद्यालय स्तर से की जाए ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो. सभी वोकेशनल कोर्स के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और सभी महाविद्यालय के पुस्तकालयों में नए पाठ्यक्रम की पुस्तकें दी जाएं.
मांगों में यह भी शामिल था कि विद्यार्थियों में खेल भावना को बढ़ाने के लिए खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाए . विश्वविद्यालय वन स्टॉप सॉल्यूशन की शुरुआत करे. परीक्षा केंद्र किसी भी महाविद्यालय से 10 किलोमीटर से अधिक दूरी पर न रखा जाए. सभी महाविद्यालय में गर्ल्स कॉमन रूम और पिंक टॉयलेट बनाए जाएं.
छात्रावासों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए अभाविप ने कहा कि जहां हॉस्टल नहीं है वहां इसे बनाया जाए और जहां हैं वहां तत्काल निरीक्षण कराया जाए. प्रैक्टिकल विषयों के लिए लैब, कंप्यूटर लैब और शोधार्थियों के लिए रिसर्च सेंटर उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई.
इसके अलावा अभाविप ने कहा कि जिन महाविद्यालय में NCC और NSS नहीं है वहां इन्हें शुरू किया जाए . G.E पेपर की विशेष परीक्षा प्रपत्र भरने की तिथि को 10 दिन और बढ़ाया जाए. विद्यार्थियों को कैंपस तक लाने और स्टूडेंट-टीचर रिलेशनशिप सुधारने के लिए विश्वविद्यालय को ठोस कदम उठाने चाहिए.
संगठन ने सत्र 2023-27 के यूजी सेमेस्टर 2 की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन करने और विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के कर्मचारियों के रवैये में सुधार की भी मांग की.
अभाविप विभाग संयोजक अभिषेक तिवारी ने कहा कि संगठन छात्र हितों के लिए हमेशा संघर्ष करता आया है और आगे भी करेगा . विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना चाहता है जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. हमारी 20 सूत्री छात्र हित की मांगों को जल्द पूरा किया जाए अन्यथा अभाविप पुनः उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी.
मौके पर सबिता पिंगुआ, शशि भूषण रजक, अभिषेक कुमार, नीरज निखिल, दुर्गा बोदरा, अविनाश कुम्हार सहित 500 से अधिक छात्र-छात्राएं मौजूद थे.