Jamshedpur: जमशेदपुर के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में चयनित सैकड़ों आदिवासी छात्र-छात्राओं का भविष्य एक साल से अधिक समय से अधर में लटका हुआ है। छात्रों को स्कूल में दाखिला दिए जाने के बावजूद, अब तक उन्हें एक बार भी कक्षा के लिए नहीं बुलाया गया है, जिससे उनके शैक्षणिक सत्र का कीमती समय बर्बाद हो रहा है। इस गंभीर लापरवाही के खिलाफ आज आक्रोशित ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने बताया
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एडमिशन होने के बावजूद बच्चों को एक साल से घर पर बैठना पड़ रहा है, जिससे उनका भविष्य अंधेरे में है। उन्हें चिंता है कि कोई भी अधिकारी उनके बच्चों के भविष्य की परवाह नहीं कर रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी छात्रों ने उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद उन्हें 15 सितंबर तक पढ़ाई शुरू होने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, वह समय सीमा भी बीत चुकी है और स्कूल अब तक चालू नहीं हो सका है।
प्रशासन की सुस्त कार्यशैली
इस वादाखिलाफी और प्रशासन की सुस्त कार्यशैली से ग्रामीण और छात्र-छात्राएं बेहद निराश हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया और कक्षाएं शुरू नहीं की गईं, तो उन्हें अपने हक के लिए कठोर कदम उठाने पर विवश होना पड़ेगा।
प्रशासन को तत्काल इस मामले पर ध्यान देना चाहिए
एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय का उद्देश्य जनजातीय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण, निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान करना है, लेकिन जमशेदपुर में यह योजना ज़मीनी स्तर पर पूरी तरह से विफल होती दिखाई दे रही है, जिसका सीधा खामियाजा सैकड़ों छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। प्रशासन को तत्काल इस मामले पर ध्यान देना चाहिए ताकि इन चयनित छात्रों को उनका शैक्षिक अधिकार मिल सके।