उपायुक्त को एक पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा
प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त को एक पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा, जिसमें मुख्य रूप से मिर्जाडीह रैयतों के घर तोड़ने वाले दोषियों की गिरफ्तारी, सभी गांवों में सड़क निर्माण, विस्थापितों को विस्थापन प्रमाण पत्र देने और टाटा लीज नवीनीकरण समिति में विस्थापित प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांगें शामिल हैं।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राजकीय शोक के दौरान टाटा कंपनी और जिला प्रशासन की मिलीभगत से रैयतों के घरों को तोड़ा गया। उन्होंने कहा कि इससे यह साफ होता है कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन टाटा कंपनी के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस क्षेत्र के मूल निवासियों का लगातार दमन किया जा रहा है और उनके साथ अन्याय हो रहा है।
अपने अधिकारों के लिए एकजुट
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अब सभी मूलनिवासी रैयतों ने आंदोलन का रास्ता अपना लिया है और यदि 30 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो वे इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन करेंगे। यह विरोध प्रदर्शन डिमना क्षेत्र के निवासियों की समस्याओं और उनकी मांगों पर प्रशासन के ध्यान खींचने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह घटना दर्शाती है कि क्षेत्र अपने अधिकारों के लिए एकजुट हो रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।