Crime News: झारखंड में सुरक्षा बलों की सख्त घेराबंदी के बाद टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) का जोनल कमांडर और संगठन का कथित सुप्रीमो शशिकांत गंझू तथा उसका साथी कमांडर नगीना सुरक्षित ठिकाना तलाशने के लिए उत्तर प्रदेश में दाखिल होना चाहते थे. लेकिन योजना नाकाम हो गई. यूपी एटीएस ने सोनभद्र जिले के विंढमगंज इलाके से नगीना उर्फ संतोष सिंह उर्फ डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया.
सूत्रों के मुताबिक, एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि शशिकांत और नगीना यूपी की सीमा में घुसने वाले हैं. इसी आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया. इसी दौरान एक बाइक को रोकने की कोशिश हुई. बाइक पर शशिकांत और नगीना सवार थे. एटीएस को देखकर शशिकांत भाग निकला, लेकिन नगीना को मौके पर ही दबोच लिया गया.
हथियार और नकदी बरामद
नगीना के पास से एटीएस ने 99 हजार 500 रुपये नकद, 9 एमएम का एक पिस्टल, एक रिवॉल्वर और बड़ी मात्रा में गोलियां बरामद कीं. खास बात यह रही कि पिस्टल पर मेड इन इंग्लैंड और रिवॉल्वर पर मेड इन स्पेन लिखा मिला. एटीएस ने नगीना के खिलाफ गोमतीनगर थाने में एफआईआर दर्ज कर कई गंभीर धाराएं लगाई हैं.
पलामू पुलिस लेगी रिमांड
पलामू पुलिस नगीना को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है. छतरपुर थाना प्रभारी प्रशांत प्रसाद ने बताया कि इस गिरफ्तारी की जानकारी उन्हें मिली है और मामले में आगे की कार्रवाई होगी.
पूछताछ में नगीना ने एटीएस को बताया कि 3 और 4 सितंबर की रात मनातू के केदल जंगल में सुरक्षा बलों के साथ उनकी मुठभेड़ हुई थी. इसमें दो पुलिसकर्मी शहीद हुए थे और कई घायल हुए थे. बाद की कार्रवाई में टीएसपीसी का नेता मुखदेव यादव मारा गया. लगातार दबाव बढ़ने के कारण वह यूपी में छिपने आया था.
गढ़वा जिले के डंडई थाना क्षेत्र के सूअरजंघा झलंगी गांव निवासी नगीना 2021 में टीएसपीसी से जुड़ा था. तब से लेकर अब तक वह दर्जनभर से ज्यादा मुठभेड़ों में शामिल रहा है.
शशिकांत पर कसा शिकंजा
टीएसपीसी का कथित सुप्रीमो शशिकांत गंझू अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. उस पर झारखंड सरकार ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है. पलामू पुलिस उसकी संपत्ति और करीबी लोगों की जांच में जुटी है. शशिकांत मूल रूप से पलामू के मनातू थाना क्षेत्र के केदल गांव का रहने वाला है.