जानिए क्या था मामला
भूतनाथ महतो सरायकेला के चौका थाना क्षेत्र में एक स्कूल में पारा शिक्षक के रूप में कार्यरत था। उस पर आरोप था कि उसने स्कूल में दो नाबालिग छात्राओं के साथ गलत हरकत की थी। इस घटना के बाद, पीड़ित छात्राओं के परिवार ने चौका थाने में मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार किया था।
अदालत में सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने शिक्षक के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए। इन सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर, कोर्ट ने भूतनाथ महतो को दोषी करार दिया।
मिली कड़ी सजा
अदालत ने आरोपी शिक्षक भूतनाथ महतो को कई धाराओं के तहत दोषी पाया और सजा सुनाई है
पॉक्सो एक्ट की धारा 6 इस धारा के तहत, यौन उत्पीड़न के गंभीर अपराध के लिए उसे आजीवन कारावास और 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
पॉक्सो एक्ट की धारा
पॉक्सो एक्ट की धारा 8 इसके तहत, उसे चार वर्ष का कारावास और 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
आईपीसी की धारा 506 धमकी देने के लिए उसे छह महीने का कारावास और 1,000 रुपये का जुर्माना भी सुनाया गया है। कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि अगर दोषी शिक्षक 20,000 रुपये का जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
बच्चों की सुरक्षा के प्रति समाज और न्यायपालिका
यह फैसला समाज में एक कड़ा संदेश देता है कि बच्चों के साथ होने वाले अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे अपराधियों को सख्त से सख्त सजा मिलेगी। इस फैसले से पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद है और यह बच्चों की सुरक्षा के प्रति समाज और न्यायपालिका की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।