सेमिनार का मंच संचालन करते हुये सचिव अंशुल रिंगसिया ने विषय प्रवेश किया तथा उपाध्यक्ष अधिवक्ता राजीव अग्रवाल ने मुख्य वक्ता सीए अभिषेक टिबरेवाल का विस्तृत परिचय रखा।
सेमिनार का शुभारंभ चैम्बर अध्यक्ष
सेमिनार का शुभारंभ चैम्बर अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने स्वागत भाषण देकर किया। उन्होंने कोलकाता से आये मुख्य वक्ता सीए अभिषेक टिबरेवाल का हार्दिक अभिनंदन करते हुये उपस्थित अन्य प्रोफेशनल्स तथा सदस्यों का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि केेन्द्र सरकार के द्वारा जीएसटी की दरों में बदलाव लाकर आम लोगों की जिन्दगी में बदलाव लाने की एक बहुत बड़ी कोशिष है। जिसका दूरगामी परिणाम सामने आयेगा और यह विकसित भारत के सपने को पूरा करने में अहम भूमिका निभायेगा।
अभिषेक टिबरेवाल इस अवसर पर सदस्यों को संबोधित करते हुए
मुख्य वक्ता सीए अभिषेक टिबरेवाल इस अवसर पर सदस्यों को संबोधित करते हुये बताया कि वर्ष 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद इसमें लाया गया सबसे बड़ा बदलाव है। आम आदमी के जीवन में उपयोग होने वाली वस्तुओं में जीएसटी की दरें बहुत कम की गई है। इससे निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी और उनके जीवन में बदलाव आयेगा। उन्होंने बताया कि कंपनसेशन सेस हटा दिया गया है जिससे व्यवसाय को काफी फायदा होगा। अब पूरे जीएसटी का आईटीसी मिलेगा।
अवसर पर टाटा स्टील के चीफ ऑफ इन्डायरेक्ट टैक्स विकास मित्तल
इस अवसर पर टाटा स्टील के चीफ ऑफ इन्डायरेक्ट टैक्स विकास मित्तल ने चैम्बर की सराहना करते हुये कहा कि चैम्बर व्यवसायी एवं उद्यमी हित के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहा है। और समय-समय पर सरकारी नियमों परिनियमों में हुये बदलावों से व्यवसायी उद्यमी को जानकारियां उपलब्ध कराता है तथा इसके लाभ हानि से अवगत कराकर उन्हें लगातार अपग्रेड रखने में मदद करता है।
चैम्बर उपाध्यक्ष, वित्त एवं कराधान अधिवक्ता राजीव अग्रवाल ने बताया कि कि जीएसटी की दरों में बदलाव के बाद गाड़ियां सस्ती हो गई है और इससे इनकी बिक्री में बड़ा ईजाफा होगा। इससे कंपनियों को अपने उत्पादन में वृद्वि करनी होगी, जो ऑटोमोबाईल कंपनियों के लिये विकास की नई राह खोलेगा।
मानद महासचिव (नवनिर्वाचित अध्यक्ष सत्र 2025-27) मानव केडिया ने कहा कि जीएसटी की दरों में की गई कमी का फायदा आम उपभोक्ता को मिले इसके लिये सरकार कायदे से इस ओर ध्यान दे रही है। और इसके लिये मोनिटरिंग कमिटि का भी गठन किया गया।
सचिव, वित्त एवं कराधान अंशुल रिंगसिया ने बताया कि जीएसटी का लाभ यदि विक्रेता द्वारा आम उपभोक्ता को नहीं दिया जा रहा है तो इसकी शिकायत के लिये सरकार ने एक टॉल फ्री नंबर- 1915 एवं व्हाट्सएप नंबर-8800001915 भी उपलब्ध कराया है जिसपर उपभोक्ता अपनी शिकायत कर सकता है। इसके बाद उस शिकायत पर एक्शन लिया जायेगा।
इस दौरान उपस्थित सदस्यों के जीएसटी 2.0 से संबंधित सवालों को रखा जिसपर सीए अभिषेक टिबरेवाल ने अपने जवाब दिया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन मानद महासचिव मानव केडिया ने किया।
व्यवसायी उद्यमी उपस्थित रहे
इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष मुरलीधर केडिया, उपाध्यक्ष एवं सत्र 2025-27 के लिये निर्वाचित मानद महसचिव पुनीत कांवटिया, उपाध्यक्ष अनिल मोदी, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, सचिव भरत मकानी, बिनोद शर्मा, नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष सत्र 2025-27 हर्ष बाकरेवाल, सीए पीयूष गोयल, सीए प्रतीक अग्रवाल, आकाश मोदी, उमेश खीरवाल, सीए जेपी हीरवाल, स्मिता पारीख, धानू कुमार, नंदकिशोर अग्रवाल, सीए जगदीश खंडेलवाल, सीए किशन चौधरी, सीए अमित अग्रवाल, अधिवक्ता खजांचीलाल मित्तल, अधिवक्ता राजेष अग्रवाल, अधिवक्ता पारस अग्रवाल, अधिवक्ता बासुदेव चटर्जी, अधिवक्ता सतीश सिंह, चन्द्रकांत जटाकिया, सीए अमित कुमार अग्रवाल, अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार, हर्ष भाटिया, के अलावा काफी संख्या चार्टर्ड एकाउंटेंट, अधिवक्तागण एवं व्यवसायी उद्यमी उपस्थित थे।