Saraikela: विजयादशमी के बाद आदित्यपुर के जयप्रकाश उद्यान, खरकाई एवं स्वर्णरेखा नदी के विसर्जन घाटों का हाल चिंताजनक रहा। मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन होने के साथ-साथ पूजा की सामग्री भी बड़ी मात्रा में नदी में फेंक दी गई, जिससे नदी का जल प्रदूषित हो गया है।
सफाईकर्मी संगठन सफाई में जुटे
नदी तट पर फूल-मालाओं, कपड़ों, प्लास्टिक और अन्य सामग्रियों का अंबार लग गया है। सफाईकर्मी और सामाजिक संगठन सफाई में जुटे हैं, लेकिन कचरे की मात्रा इतनी अधिक है कि घाटों को पूरी तरह साफ करना एक चुनौती सा बना हुआ है।
प्रदूषण होने का कारण
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने कचरा डालने के लिए अलग स्थान निर्धारित किया था, इसके बावजूद इसके विसर्जन करने वाले लोग सीधे नदी और घाट पर सामग्री छोड़कर चले गए। इससे न सिर्फ नदी का पानी दूषित हुआ है, बल्कि आसपास का वातावरण भी प्रदूषण की चपेट में आ गया है।
पर्यावरण प्रेमियों की अपील
पर्यावरण प्रेमियों ने लोगों से आस्था के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान देने की अपील की है। वहीं प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही विशेष सफाई अभियान चलाकर घाटों की स्थिति सामान्य की जाएगी।
न्यूज 26 की अपील
त्योहारों की खुशियां मनाना हमारी परंपरा है, लेकिन प्रकृति को सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है। प्रतिमा विसर्जन के बाद पूजा सामग्री और प्लास्टिक जैसी वस्तुएं नदी में डालने से जल प्रदूषण बढ़ता है और हमारे स्वास्थ्य व पर्यावरण दोनों को नुकसान पहुंचता है। इसलिए न्यूज 26 की अपील है कि त्यौहारों की खुशियां मनाए लेकिन स्वस्छ और स्वस्थ तरीके से मनाए।