Indian Air Force: भारतीय वायुसेना की 93वीं वर्षगांठ के मौके पर दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने पहली बार यह साफ किया कि "ऑपरेशन सिंदूर” में पाकिस्तान के 4 से 5 लड़ाकू विमान, जो ज्यादातर एफ-16 थे, जमीन पर ही नष्ट कर दिए गए थे.
एयर चीफ मार्शल ने कहा, “उन्होंने कहा कि हमारे इतने जेट गिर गए, आपने कुछ नहीं कहा. मैं आज भी नहीं कहूंगा कि हमारे कितने जेट गिरे. लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि पाकिस्तान का नुकसान हमने तय किया है. अगर वे सोचते हैं कि हमारे 15 जेट गिराए हैं, तो सोचते रहें.”
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की तरफ से अब तक कोई सबूत पेश नहीं किया गया है जिससे यह साबित हो कि भारतीय एयरबेस पर हमला हुआ. जबकि भारत ने पाकिस्तान के कई ठिकानों की तस्वीरें और सबूत दुनिया के सामने रखे हैं.
पाकिस्तान के ठिकाने बने निशाना
एयर चीफ मार्शल ने बताया कि इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के कई एयरबेस को निशाना बनाया गया. इनमें रडार, कमांड सेंटर, रनवे, हैंगर और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल सिस्टम शामिल थे. उन्होंने कहा, “हमारे पास सबूत हैं कि पाकिस्तान का एक सी-130 श्रेणी का विमान और कम से कम 4-5 लड़ाकू विमान तबाह हुए. उस समय एफ-16 विमानों की मरम्मत चल रही थी और वे भी नष्ट हो गए.”
उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में शामिल किए गए आधुनिक लंबी दूरी के एसएएम (SAM) सिस्टम का इस्तेमाल कर भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान को उसकी ही सीमा में काफी दूरी तक आगे बढ़ने से रोक दिया. उनके मुताबिक, “इतिहास में पहली बार भारत ने 300 किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर मौजूद टारगेट को निशाना बनाया.”
पाकिस्तान का पलटवार और दावे
संघर्ष के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ऑपरेशन सिंदूर को “एक्ट ऑफ वॉर” बताया था. पाकिस्तान सेना ने दावा किया कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई में भारत के 26 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया और दिल्ली समेत कई शहरों के ऊपर ड्रोन मंडराए. साथ ही यह भी कहा गया कि उन्होंने नगरोटा में ब्रह्मोस मिसाइल भंडारण और आदमपुर में एस-400 सिस्टम पर हमला किया. हालांकि, भारत ने इन दावों को कभी स्वीकार नहीं किया.
भारत के नुकसान पर चुप्पी
भारत की ओर से ऑपरेशन में हुए नुकसान पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया. हालांकि, कुछ वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने माना था कि इस ऑपरेशन में भारत ने कुछ विमान खोए. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा था कि असल सवाल यह है कि विमान क्यों गिरे, संख्या कितनी थी यह उतना महत्वपूर्ण नहीं है.
संयुक्त राष्ट्र तक गूंजा विवाद
यह विवाद संयुक्त राष्ट्र तक भी पहुंचा. पाकिस्तान ने वहां भारत पर आरोप लगाए कि उसने पहलगाम हमले का राजनीतिक इस्तेमाल किया. भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना आतंकवाद पर करारा हमला बोला. उन्होंने कहा कि दशकों से दुनिया के बड़े आतंकी हमलों का सूत्र एक ही देश से जुड़ा है.