Jamshedpur: दुर्गा पूजा की कालरात्रि पर गोलमुरी स्थित गाढ़ाबासा इलाके में 20 वर्षीय युवक अजय बाशा की तंत्र विद्या के नाम पर बलि दिए जाने की खबर ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस अमानवीय घटना के खिलाफ अब लोगों में जनाक्रोश उभरने लगा है।
बता दे कि रविवार शाम गाढ़ाबासा से आर.डी. टाटा गोलचक्कर तक स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर अंधविश्वास के खिलाफ एकजुटता दिखाई। इस जुलूस में पुरुष, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सबके हाथों में जलती मोमबत्तियां थीं और उनकी आवाज़ में दर्द व गुस्सा दोनों झलक रहे थे।
लोगों ने अंधविश्वास बंद करो” और “अजय को न्याय दो” जैसे नारे लगाए। उनके चेहरों पर शोक और आक्रोश दोनों साफ दिखाई दे रहे थे।
मार्च के अंत में आर.डी. टाटा गोलचक्कर पर सभी लोगों ने एक मिनट का मौन रखकर अजय की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस जघन्य अपराध में शामिल तथाकथित तांत्रिकों और सभी आरोपितों को फांसी की सजा दी जाए। साथ ही उन्होंने समाज में फैले अंधविश्वास को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कानून बनाने और जनजागरूकता अभियान चलाने की अपील की है।
पुलिस ने जनता को भरोसा दिलाया है कि सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अजय को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
अंधविश्वास एक ऐसी सामाजिक बुराई है जो आज भी कई निर्दोष जिंदगियों को अपने कब्जे में रही है। गाढ़ाबासा में हुए जैसी घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि विज्ञान और शिक्षा के युग में भी तंत्र-मंत्र और झूठे विश्वास किस तरह इंसानियत पर भारी पड़ रहे हैं। समाज को यह समझना होगा कि किसी भी समस्या का समाधान अंधविश्वास या तांत्रिक क्रियाओं से नहीं, बल्कि जागरूकता, शिक्षा और आपसी समझ से होता है। ऐसी घटनाओं से बचने से के लिए हर नागरिक को अंधविश्वास के खिलाफ आवाज उठाना और वैज्ञानिक सोच को अपनाना बहुत जरूरी है।