Jamshedpur News: जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में आज 18वें स्वदेशी मेला का शुभारंभ हुआ. इस अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू, टाटा स्टील के कॉर्पोरेट सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट डी बी सुंदरा रामम और झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव सौरव तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे.

कार्यक्रम की अध्यक्षता सीबीएमडी के चेयरमैन मुरलीधर केडिया ने की. स्वागत भाषण अशोक गोयल ने दिया, विषय प्रवेश मनोज सिंह ने कराया, स्वदेशी संदेश वंदे शंकर सिंह ने प्रस्तुत किया, मंच संचालन अमित मिश्रा ने किया और धन्यवाद ज्ञापन राजपती ने दिया.
मुख्य अतिथि अर्जुन मुंडा ने कहा कि स्वदेशी मेला राष्ट्रीय विचारों से प्रेरित है. आमतौर पर लोग अपनी आवश्यकता के अनुसार बाजार में सामान लेने जाते हैं, जिसमें उनकी कामना छिपी होती है, लेकिन स्वदेशी मेला का बाजार केवल कामना नहीं बल्कि भावना से भी जुड़ा होता है. उन्होंने कहा कि भारत को आजादी तो मिली, लेकिन हमें यह देखना होगा कि हम आर्थिक रूप से कितने आजाद हैं. इसका अंदाजा गांव के व्यक्ति की स्थिति देखकर लगाया जा सकता है. देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हम सभी में शोध की भावना और नवाचार का बोध होना जरूरी है.

उन्होंने कहा कि यदि विदेशी कंपनियां भारत में आती हैं और व्यापार करती हैं, तो यह देश के लिए क्षैतिज विकास का संकेत है, लेकिन जब भारतीय कंपनियां अपने शोध और नवाचार से आगे बढ़ती हैं और देशवासी उनके उत्पादों को अपनाते हैं, तब वास्तविक ऊर्ध्वगामी विकास होता है. अर्जुन मुंडा ने कहा कि देश के व्यापारियों में अनुसंधान की ललक होनी चाहिए, तभी व्यक्तिगत आत्मनिर्भरता देश की आत्मनिर्भरता से जुड़ सकेगी. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को तीन बातों का स्मरण रखना चाहिए – हम क्या थे, क्या हैं और क्या हो सकते हैं. जब हम इस पर चिंतन करते हैं तो अपने विकास के लिए सही दिशा खोज पाते हैं.

टाटा स्टील के कॉर्पोरेट सर्विसेज के उपाध्यक्ष डी बी सुंदरा रामम ने कहा कि जमशेदजी टाटा और स्वामी विवेकानंद की एक मुलाकात से भारत में पहली स्टील कंपनी की नींव रखी गई थी. टाटा स्टील हमेशा अपनी क्षमता से बढ़कर समाज की सेवा की भावना के साथ काम करता है. उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां गुणवत्ता में किसी से कम नहीं हैं, जरूरत है केवल निरंतर प्रतिस्पर्धा और सरकारी सहयोग की. उन्होंने कहा कि चीन में स्टील सस्ता इसलिए है क्योंकि वहां की सरकार स्वयं ट्रेडिंग संभालती है. भारत सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इन कदमों की वजह से भारतीय स्टील कंपनियां बड़े नुकसान से बच पाई हैं.
विधायक पूर्णिमा साहू ने स्वदेशी मेला के 25 वर्षों की यात्रा की सराहना की और कहा कि वर्तमान सरकार भी स्वदेशी के प्रचार-प्रसार के लिए प्रयासरत है. उन्होंने कहा कि स्वदेशी मेला न केवल स्थानीय उत्पादों को मंच देता है बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है.
मेले के उद्घाटन समारोह में मीरा मुंडा, अनिल सिंह, शंभूनाथ सिंह, चंद्र शेखर मिश्रा, जे के राजू, पंकज सिंह, अभिषेक बजाज, गुरजीत सिंह, कंचन सिंह, आशा देवी, जटा शंकर पांडेय, मुकेश ठाकुर, बीरेंद्र कुमार और के पी चौधरी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
स्वदेशी मेला के दौरान पारंपरिक हस्तशिल्प, घरेलू उत्पाद, जैविक वस्तुएं और स्थानीय उद्योगों के स्टॉल लगाए गए हैं. आयोजन समिति ने बताया कि यह मेला न केवल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देगा बल्कि स्थानीय उद्यमियों को मंच देने का भी कार्य करेगा. आने वाले दिनों में यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ स्वदेशी विचार पर आधारित संगोष्ठी और कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी.