प्रमुख निर्देश और कार्ययोजना की समीक्षा
जिला निर्वाचन पदाधिकारी कर्ण सत्यार्थी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कोषांगों के वरीय पदाधिकारी अपनी-अपनी कार्ययोजना के अनुरूप मिशन मोड में कार्य शुरू कर दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्वाचन कार्य की शुचिता, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी और कर्मी अपने दायित्वों को अच्छी तरह से समझ लें और आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
बैठक में क्रमवार निर्वाचन कोषांग, कार्मिक कोषांग, ईवीएम कोषांग, स्वीप कोषांग, सूचना एवं तकनीकी कोषांग, एमसीसी कोषांग, मीडिया एवं एमसीसी कोषांग, कंट्रोल रूम, प्रेक्षव कोषांग, और पीडब्लूडी कोषांग की कार्ययोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
मतदाता जागरूकता और त्रुटिरहित तैयारी पर विशेष बल
मतदाता जागरूकता और त्रुटिरहित तैयारी पर विशेष बल जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदाता जागरूकता (स्वीप) पर विशेष बल देते हुए कहा कि स्वीप कोषांग व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम संचालित करे ताकि एक-एक मतदाता को उनके मताधिकार के प्रयोग के लिए प्रेरित और जागरूक किया जा सके।
अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
कार्मिक कोषांग को त्रुटिरहित कर्मियों की शुद्ध सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया। प्रशिक्षण कोषांग को अंतिम प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार कर समय पर प्रशिक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। ईवीएम कोषांग को प्रशिक्षण के लिए ईवीएम की उपलब्धता और विधानसभावार डिस्पैच सेंटरों पर निर्धारित एसओपी के अनुरूप सभी व्यवस्था करने का निर्देश मिला। निर्वाचन के दिन बूथ पर उपयोग होने वाली सभी सामग्रियों की वास्तविक संख्या के आधार पर उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। वाहन कोषांग को वाहनों की आवश्यकतानुसार उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सोशल मीडिया पर गहन निगरानी रखने के लिए भी विशेष निर्देश दिए गए।
किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
बैठक में उप विकास आयुक्त, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी, डीटीओ, उप निर्वाचन पदाधिकारी समेत अन्य सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।