पुलिस जांच में खुलासा हुआ
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अंजू देवी नाम की महिला ने इस पूरे "किडनैपिंग ड्रामा" को अंजाम दिया, जिसका मकसद पति से 21 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठना था, महिला ने इस घिनौनी साजिश में अपने मायके पक्ष के कुछ लोगों को शामिल किया और बेटे को गायब करवा दिया, बच्चे के अचानक लापता होने से परिवार और गांववालों में हड़कंप मच गया, आटा-चावल का कारोबार करने वाले पिता सुनील मेहता ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
तकनीकी सर्विलांस और त्वरित कार्रवाई
तकनीकी सर्विलांस और त्वरित कार्रवाई के चलते दानापुर पुलिस ने मात्र 6 घंटे के भीतर ही मामले की गुत्थी सुलझा ली, जांच में पता चला कि बच्चा सुरक्षित है और उसे एक पूर्व नियोजित योजना के तहत पटना सिटी स्थित मौसी के घर छुपाया गया था, पुलिस के दबाव बनाने पर अंजू देवी ने अपना अपराध कबूल कर लिया, उसने बताया कि मायके की तंगहाली ने उसे यह जघन्य कदम उठाने पर मजबूर किया,
पुलिस ने महिला अंजू देवी, मौसी संजू देवी, मौसा पंकज कुमार, मामा रोविंस कुमार और उसके पड़ोसी अनिल कुमार सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
सामाजिक और मानसिक पतन की एक भयावह मिसाल
यह घटना न केवल एक आपराधिक कृत्य है, बल्कि सामाजिक और मानसिक पतन की एक भयावह मिसाल है, जो दर्शाती है कि आर्थिक दबाव किस हद तक इंसान को सबसे पवित्र रिश्तों को तोड़ने पर मजबूर कर सकता है. बच्चे को सुरक्षित रूप से उसके पिता को सौंप दिया गया है।