विधायक ललन पासवान ने अपना त्याग पत्र
विधायक ललन पासवान ने अपना त्याग पत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को भेज दिया है। इस्तीफे का मुख्य कारण उन्हें इस बार पीरपैंती सीट से टिकट नहीं मिलना है। भाजपा ने उनकी जगह मुरारी पासवान को उम्मीदवार बनाया है।
इस्तीफे के बाद ललन पासवान ने
इस्तीफे के बाद ललन पासवान ने पार्टी पर सीधा निशाना साधा है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कहा है कि उन्हें अब लगता है कि भाजपा को अब मुखर दलित नेतृत्व की जरूरत नहीं है, इसलिए भाजपा में उनकी यात्रा यहीं समाप्त होती है। उन्होंने यह भी कहा कि अब वह पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर बाबा साहेब डॉ. भीम राव आंबेडकर के आदर्शों पर काम कर सकेंगे।
ललन पासवान के इस कदम से भाजपा
ललन पासवान के इस कदम से भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, क्योंकि चुनाव से पहले यह बगावत अन्य असंतुष्ट नेताओं को भी पार्टी छोड़ने के लिए प्रेरित कर सकती है। बिहार चुनावों में टिकट बंटवारे के बाद से ही कई सीटों पर असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं।
कलह को शांत करने के लिए तेजी से काम करना होगा
सूत्रों के मुताबिक, ललन पासवान जल्द ही किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने या निर्दलीय चुनाव लड़ने को लेकर अपने अगले कदम की घोषणा कर सकते हैं। उनका यह फैसला पीरपैंती सीट पर भाजपा के लिए चुनौती खड़ी कर सकता है, जहां दलित वोट बैंक पर उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। भाजपा को अब चुनाव से ठीक पहले इस अंदरूनी कलह को शांत करने के लिए तेजी से काम करना होगा।