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Ranchi:झारखंड की राजधानी रांची से बड़ी खबर सामने आ रही है. शहर के सदर अस्पताल में जल्द ही बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू हो सकती है. यह खबर उन मरीजों के लिए राहतपूर्ण है,जो रक्त संबंधी बीमारियों जैसे- सिकल सेल एनीमिया, विभिन्न तरह के बल्ड कैंसर और थैलेसीमिया से ग्रसित हैं. बोन मैरो ट्रांसप्लांट (Bone marrow transplant) इन गंभीर रोगों के इलाज में काफी कारगर भूमिका निभाता है. हालांकि, अब तक झारखंड और आसपास के राज्य के सरकारी अस्पतालों में इसकी सुविधा नहीं उपलब्ध है. इस वजह से जब भी ब्लड कैंसर और रक्त संबंधी अन्य बीमारियों में इलाज के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होती है. तो लोगों को इलाज के लिए वेल्लोर, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहर जाना पड़ता है. इससे उन्हें काफी परेशानी होती है. साथ ही पैसे भी ज्यादा खर्च होते हैं.
एक मरीज जब बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराने बाहर जाता है. तो उसे लगभग 16 से 20 लाख रूपये तक खर्च करने पड़ते हैं, जो काफी बड़ी राशि है. ऐसे में रांची के सदर अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करने की पहल ब्लड कैंसर या इससे जुड़ी अन्य बीमारियों से जुड़े मरीजों के लिए राहत की बात है.
सदर अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध कराने की प्लानिंग की जा रही है. इस संबंध में देश के कुछ बड़े डॉक्टर्स से बात की जा रही है, जो लगभग तैयार भी हैं. ये डॉक्टर्स जरूरत होने पर मरीजों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट करने रांची आएंगे, फिर मरीज की आगे की देखभाल स्थानीय डॉक्टर करेंगे. हालांकि, बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए ऑपरेशन थियटर की तरह ही वार्ड बनाया जाएगा. साथ ही इसके लिए नर्सों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी.
इधर, रांची में बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने पर पैसे के अभाव में इलाज नहीं करवाने वाले मरीज भी अपना इलाज करवा पाएंगे. रक्त संबंधी बीमारी से पीड़ित रोगी जैसे थैलसेमिक बच्चों का अगर 5 साल तक की उम्र में बोन मैरो ट्रांसप्लांट करवा दिया जाता है, तो उनके स्वस्थ होने की संभावना 50 से 60% तक बढ़ जाती है. इसी तरह ल्यूकेमिया यानी अलग-अलग तरह के ब्लड कैंसर के इलाज में भी बोन मैरो ट्रांसप्लांट का उपयोग किया जाता है. ऐसे में रांची में इसकी सुविधा शुरू होने से राज्यवासियों को काफी राहत मिलने के आसार हैं.