Jharkhand News: झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से एक बार फिर प्रभावित होकर प्रतिवंधित उग्रवादी संगठन के 2 (दो) हार्डकोर उग्रवादी जिन पर 01-01 लाख के इनाम इनाम घोषित थे। उन्होंने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। सरेंडर (surrendered) के समय उनके पास 01 SLR, 01 सेमी-राइफिल तथा लगभग 185 जिंदा राउंड कारतूस बरामद किया गया।
झारखण्ड सरकार की इस पहल से यह साफ होता है कि झारखंड सरकार की नीति सिर्फ सख्ती दिखाने तक ही नहीं सीमित है बल्कि वह उन लोगों को भी नया मौका दे रही है जो भटके हुए रास्ते पर चले गए थे। आत्मसमर्पण करने वाले इन उग्रवादियों को अब सरकार की ओर से बेहतर जीवन जीने का अवसर मिलेगा। जिससे अब वे अपने परिवार के साथ सम्मानजनक जीवन बिता सकेंगे।
झारखंड सरकार की यह लगातार कोशिश वाकई सराहनीय हैं। जिससे न केवल कानून-व्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि लोगों के बीच शांति और भरोसे का माहौल भी बनता है। सरकार का यह कदम दिखाता है कि वह हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का मौका देना चाहती है।
ऐसे सकारात्मक कदमों से ही झारखंड में उग्रवाद धीरे-धीरे खत्म होगा और राज्य विकास और तरक्की की राह पर आगे बढ़ेगा। अगर प्रशासन और आम लोग मिलकर इसी तरह साथ काम करते रहें, तो वो दिन दूर नहीं जब झारखंड पूरी तरह शांति और समृद्धि का राज्य बन जाएगा।