Jharkhand News: लोहरदगा जिले की भण्डरा थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए चार अपराधियों को हथियार सहित गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके पास से तीन देसी कट्टा, तीन जिंदा गोली, चार मोबाइल फोन और चोरी के चांदी जैसे गहने बरामद किए हैं. पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने शनिवार को प्रेस वार्ता कर इस कार्रवाई की जानकारी दी.
एसपी ने बताया कि 17 अक्टूबर की रात गुप्त सूचना मिली थी कि चट्टी चौक के पास नरकोपी मार्ग स्थित एक शेड में कुछ अपराधी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं. सूचना के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक समीर कुमार तिर्की के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और छापेमारी की गई. पुलिस को देखते ही अपराधी भागने लगे, लेकिन चार को पकड़ लिया गया, जबकि एक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया.
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान अनिल उरांव, अजय उरांव, पंचम उरांव और बसंत उरांव उर्फ प्रिंस उरांव, निवासी नरकोपी थाना, रांची के रूप में हुई है. तलाशी में अनिल के पास से सिल्वर रंग का देसी कट्टा और दो जिंदा गोली, अजय के पास से जंग लगा देसी कट्टा और पंचम के पास से एक कट्टा व एक गोली बरामद की गई. पूछताछ में तीनों ने पूर्व में भी आपराधिक वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की. इनके खिलाफ भण्डरा थाना में मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
पूछताछ के दौरान अपराधियों ने 12 और 13 अक्टूबर की रात कोटा गांव निवासी दशरथ उरांव के घर में हुई चोरी की वारदात को भी कबूल किया. उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी के चांदी जैसे गहने बरामद किए, जिनमें बाला, पायल, बाली, अंगूठी, बिछिया, झुमका और बच्चों की पायल शामिल है. इस मामले में भी भण्डरा थाना में केस दर्ज किया गया है.
पुलिस ने बताया कि फरार साथियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ छापेमारी अभियान जारी है. एसपी ने कहा कि जिले में अपराध पर नियंत्रण रखने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और पुलिस हर आपराधिक गतिविधि पर कड़ी नजर रखे हुए है. छापेमारी टीम में थाना प्रभारी रविरंजन कुमार, एएसआई रामदेव कुमार राय, संजय कुमार दास, नरेंद्र कुमार पांडेय, संतोष कुमार राय और तकनीकी शाखा के नीरज कुमार मिश्र समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे.
यह कार्रवाई दिखाती है कि जिले में संगठित अपराध अब भी सक्रिय हैं, लेकिन पुलिस के तेज और समन्वित प्रयासों से अपराधियों के इरादों पर रोक लगाई जा रही है. हथियार और चोरी के सामान के साथ गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि अपराधी बड़ी वारदात की तैयारी में थे. यह भी साफ है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध का नेटवर्क केवल चोरी या लूट तक सीमित नहीं, बल्कि अवैध हथियारों के इस्तेमाल तक फैला है. ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए सतर्कता, खुफिया जानकारी और निरंतर पुलिस अभियान जरूरी हैं, ताकि भयमुक्त वातावरण बन सके.