Islamabad: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी संगठन भारत के विरुद्ध नये सिरे से तैयारी कर रहे हैं. खबर है कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद आदि आतंकी संगठन महिलाओं को फिदायीन (आत्मघाती हमलावर) बनाने के लिए ब्रेनवॉश कर रहे हैं।
महिलाओं जिहादी विचारधारा भरी जा रही है
महिलाओं जिहादी विचारधारा भरी जा रही है, इससे संबंधित एक वीडियो सामंने आया है, वीडियो पाकिस्तान के सियालकोट स्थित लश्कर-ए-तैयबा के ट्रेनिंग सेंटर का है. वहां कथित तौर पर पाकिस्तानी सेना और पुलिस के कुछ अधिकारी आतंकियों के साथ मौजूद हैं।
वीडियो में नजर आ रहा है कि महिलाओं को जिहादी विचारधारा
वीडियो में नजर आ रहा है कि महिलाओं को जिहादी विचारधारा से पढ़ाई जा रही है, हथियारों चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. जानकारी के अनुसार इन कैंपों में भारत और प्रधानमंत्री मोदी को दुश्मन करार देते हुए जहर भरा जा रहा है।
खबर है कि हाफिज सईद का करीबी हाफिज अब्दुल रऊफ सियालकोट के एक ट्रेनिंग सेंटर से
खबर है कि हाफिज सईद का करीबी हाफिज अब्दुल रऊफ सियालकोट के एक ट्रेनिंग सेंटर से महिलाओं को जिहादी विचारधारा की ट्रेनिंग दे रहा है, वह भारत के खिलाफ धर्मयुद्ध छेड़ने के लिए भड़का रहा है।
कैंपों में ऑनलाइन जिहाद क्लासेस चलाये जा रहे हैं
कैंपों में ऑनलाइन जिहाद क्लासेस चलाये जा रहे हैं, इसमें दाखिला लेने की फीस 500 पाकिस्तानी रुपये रखी गयी है, बता दें कि जिहादीकरण की मुहिम के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तमाल किया जा रहा है, खबर है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने महिलाओं के लिए तुफत अल मुमिनात नाम का नया कोर्स शुरू किया है।
इस कोर्स में दाखिला लेने की फीस 500 पाकिस्तानी रुपये
इस कोर्स में दाखिला लेने की फीस 500 पाकिस्तानी रुपये है. यह जानना दिलचस्प होगा कि इस कोर्स का जिम्मा आतंकी सरगना मसूद अजहर की बहनों और उमर फारूक की पत्नी को दिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि जैश-ए-मोहम्मद ने तुफत अल मुमिनात के अलावा
सूत्रों का कहना है कि जैश-ए-मोहम्मद ने तुफत अल मुमिनात के अलावा महिलाओं की भर्ती के लिए एक और विंग जमात-उल-मुमिनात बनाया है, इसे फंड जमा करने का काम दिया गया है. साथ ही युवतियों को ऑनलाइन जिहाद की ट्रेनिंग देना भी इसका काम है।