बताया जाता है कि घटना लोहागढ़ा के डाईर मेले के दौरान तब हुई जब थाना प्रभारी एक झगड़े को शांत कराने पहुंचे। हिंसक भीड़ ने अचानक उन्हीं पर हमला कर दिया। हमलावरों ने पुलिस और सशस्त्र बल को घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। रनिया थाना के सीओ सह बीडीओ प्रशांत डांग की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस ने 40 से 50 अज्ञात लोगों समेत 2 नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
प्रशांत डांग की ओर से लिखित शिकायत में बताया गया है कि वह और थाना प्रभारी विकास कुमार जायसवाल अमरजीत सिंकू के साथ डाईर मेले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गए थे। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे उन्होंने कुछ लोगों को हड़िया (स्थानीय चावल से बनी शराब) बेचते और कई नशे में धुत युवकों को झगड़ते देखा। थाना प्रभारी ने झगड़ा कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की। पुलिस अधिकारी ने शराब पीने और बेचने वालों को रोकने की कोशिश की।
इससे भड़के उपद्रवियों ने अचानक सशस्त्र बल और थाना प्रभारी पर हमला बोल दिया। करीब 40 से 50 लोगों (जिनमें महिलाएं भी थीं) की भीड़ ने पुलिस कर्मियों को घेर लिया। हमलावरों ने साथ गाली गलौज की और मारपीट की। इससे स्थिति बिगड़ गई। पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की पहचान के लिए छापेमारी तेज कर दी है। स्थानीय लोग भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मेले में सुरक्षा कड़ी करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।