Jharkhand Big News: वन विभाग की टीम ने बड़कागांव क्षेत्र के गोंदलपुर जोराकाठ में तलाशी अभियान चलाकर 65 टन अवैध कोयला जब्त किया है. इस कार्रवाई से जिले में फैले कोयला तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है.
सूत्रों के अनुसार हजारीबाग के विभिन्न इलाकों में कोयला का काला कारोबार फल फूल रहा है. संजय सिंह और संजू सिंह नामक व्यक्ति मुख्य संचालक बताए जा रहे हैं. कुछ का मानना है कि दोनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं. इनके इशारे पर 14 माईल, बेहरा, नानो, लुड़ंगा, नापो, जोड़ा जैसे क्षेत्रों में अवैध उत्खनन हो रहा है. भोलू, राजेंद्र सिंह, डब्बू सिंह जैसे अन्य नाम भी इस धंधे से जुड़े हैं.
अवैध खनन से निकला कोयला चितपुरनी की एक फैक्ट्री में पहुंचाया जाता है. रामगढ़ की एक अन्य इकाई को भी आपूर्ति की जाती है. अच्छी गुणवत्ता का माल डिहरी मंडी भेजा जाता है जहां यह तुरंत बिक जाता है.
जानकारी मिली है कि कारोबारियों ने जिम्मेदार अधिकारियों को रिश्वत देकर कर लिया है. कुछ तो साझेदार बन चुके हैं. इसी वजह से कार्रवाई का अभाव है और अवैध धंधा निर्बाध चल रहा है.
यह घटना हजारीबाग के वन क्षेत्रों में पर्यावरण क्षति और आर्थिक अपराध की गहराई को उजागर करती है. जब्ती से तात्कालिक झटका लगा है लेकिन जड़ें गहरी हैं. सख्त निगरानी रिश्वतखोरी पर अंकुश और समुदाय की भागीदारी से ही स्थायी समाधान संभव है वरना वन संरक्षण का प्रयास अधर में लटक जाएगा.