Jharkhand News: सिमडेगा जिले से एक संवेदनशील मामला सामने आया है जहां कृषि विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी की मौत विभागीय अफसरों की कथित प्रताड़ना के कारण हो गई. मृतक की पत्नी नीलिमा कांत मिंज ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर पूरी घटना की जानकारी दी है. उन्होंने अपने पति की मौत को अफसरों की लगातार की गई मानसिक प्रताड़ना का नतीजा बताया है.
नीलिमा ने पत्र में लिखा है कि उनके पति पिछले कुछ महीनों से भारी तनाव में थे. विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा बार-बार अनावश्यक स्पष्टीकरण पत्र भेजे जा रहे थे और काम के बहाने उन पर दबाव बनाया जा रहा था. इस निरंतर दबाव और पूछताछ के कारण वे गंभीर मानसिक तनाव में आ गए थे.
पत्र में नीलिमा ने आगे बताया कि 4 नवंबर 2025 को अचानक उनके पति की तबीयत बिगड़ गई. उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. नीलिमा ने कहा कि अगर विभाग के अफसरों ने इस तरह परेशान नहीं किया होता तो उनके पति आज जिंदा होते.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है. उन्होंने सिमडेगा के उपायुक्त और झारखंड पुलिस मुख्यालय को मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया है कि अगर जांच में प्रताड़ना के आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
यह घटना झारखंड के प्रशासनिक तंत्र की एक गंभीर सच्चाई को उजागर करती है. अक्सर देखा जाता है कि विभागीय दबाव, कामकाज की जटिल प्रक्रिया और अफसरों की मनमानी से कर्मचारियों पर मानसिक बोझ बढ़ता है. नीलिमा कांत मिंज का पत्र इस बात का उदाहरण है कि सिस्टम के भीतर इंसानियत किस तरह कमजोर हो रही है. अगर जांच में प्रताड़ना के आरोप साबित होते हैं तो यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की असंवेदनशीलता का आईना होगा. अब यह देखना होगा कि सरकार केवल आदेश तक सीमित रहती है या पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए ठोस कदम उठाती है.