यूनियन और मैनेजमेंट के बीच पहली वार्ता
सोमवार और मंगलवार को वेज रिवीजन पर पहली दौर की महत्वपूर्ण वार्ता हुई। इस वार्ता में टाटा वर्कर्स यूनियन की ओर से अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह शामिल हुए। वहीं, कंपनी प्रबंधन की ओर से चीफ पीपुल ऑफिसर अतरई सान्याल और चीफ स्तर के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
इस प्रारंभिक वार्ता में वेज रिवीजन के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें यह चर्चा हुई कि वेज रिवीजन कितने साल के लिए हो सकता है और वे कौन-कौन से सेक्टर हैं जिन पर समझौता हो सकता है। प्रबंधन ने इस संबंध में एक प्रेजेंटेशन भी दिया।
लंबित है वेज रिवीजन, यूनियन की प्रमुख मांगें
टाटा स्टील के कर्मचारियों का वेज रिवीजन 31 दिसंबर 2024 से लंबित है। इस संबंध में टाटा वर्कर्स यूनियन ने कंपनी को 18 पन्नों का विस्तृत चार्टर ऑफ डिमांड्स सौंपा है। इस मांगपत्र में प्रमुख रूप से 50 फीसदी एमजीबी मिनिमम गारंटीड बेनिफिट, डीए महंगाई भत्ता में बढ़ोतरी, और अन्य अलाउंस भत्तों में इजाफा जैसी माँगें शामिल हैं।
कर्मचारियों को मिलेगा एरियर का लाभ
बताया गया है कि अभी कई दौर की वार्ता होगी, जिसके बाद ही अंतिम समझौता होगा। कर्मचारियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि 1 जनवरी 2025 से लेकर समझौते की तिथि तक का एरियर उन्हें मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी। प्रबंधन और यूनियन दोनों ही इस प्रक्रिया को तेज़ी से आगे बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं।