Jharkhand Big News: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एनआईए महानिदेशक को पत्र लिखकर गैंगस्टर सुजीत सिन्हा गिरोह की गतिविधियों की व्यापक जांच की मांग की है. मरांडी ने अपने पत्र में दावा किया है कि यह गिरोह कोयलांचल शांति समिति नामक संगठन के नाम पर संगठित अपराधों को अंजाम दे रहा है और इसके तार देश से बाहर तक फैले हुए हैं.
मरांडी के अनुसार सुजीत सिन्हा का गिरोह हत्या, ठेकेदारों और ट्रांसपोर्टरों से वसूली, व्यवसायियों और डॉक्टरों को धमकी, तथा अवैध हथियारों के कारोबार में सक्रिय है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गिरोह पाकिस्तान से हथियारों की खरीद कर रहा है जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा होता है.
मरांडी ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि झारखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता के इस गिरोह से घनिष्ठ संबंध रहे हैं. उनके अनुसार गुप्ता ने केएसएस को खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और वसूली की गई रकम का हिस्सा भी उन्हें मिलता था. उन्होंने कहा कि इस गठजोड़ का उद्देश्य भारतमाला परियोजना के इलाकों पर आपराधिक दबदबा बनाना था.
मरांडी ने आरोप लगाया कि अमन साहू की मुठभेड़ भी प्रतिस्पर्धा को खत्म कर सुजीत सिन्हा गिरोह को लाभ पहुंचाने की मंशा से की गई थी. साथ ही यह भी दावा किया कि झारखंड पुलिस के कुछ अधिकारियों ने रिया सिन्हा और अनुराग गुप्ता के बीच चैट रिकॉर्ड को दबाने की कोशिश की है.
मरांडी ने एनआईए से आग्रह किया है कि वह इस गिरोह के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच अपने स्तर से करे क्योंकि इन गतिविधियों में राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित गंभीर पहलू जुड़े हुए हैं.
बाबूलाल मरांडी के आरोप झारखंड की कानून व्यवस्था और पुलिस तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं. यदि इनके दावे सही पाए जाते हैं तो यह न केवल प्रशासनिक भ्रष्टाचार का मामला होगा बल्कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में गहरे पैठ चुके आपराधिक नेटवर्क को भी उजागर करेगा. विपक्ष द्वारा इस तरह सीधे पूर्व डीजीपी पर उंगली उठाना राजनीतिक माहौल को और अधिक तीखा बना सकता है. एनआईए जांच की मांग के बाद अब नजर इस बात पर होगी कि केंद्र और जांच एजेंसियां इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती हैं और क्या यह मामला राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनेगा.