Jharkhand News: नगर विकास विभाग ने नगर निकायों में होल्डिंग टैक्स संग्रहण बढ़ाने के लिए सख्त रवैया अपनाते हुए व्यापक रणनीति लागू करने के निर्देश जारी किए हैं. विभाग ने साफ किया है कि पुराने स्वनिर्धारण ढांचे में किए गए संशोधनों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और जिन क्षेत्रों में नए निर्माण हुए हैं या जहां आबादी बढ़ी है, वहां सर्वे टीमों के जरिए पुनर्मूल्यांकन कराया जाए. सरकार का लक्ष्य है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में ही होल्डिंग टैक्स संग्रहण में 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी सुनिश्चित की जाए.
विभाग ने सभी नगर निकायों को आगामी वित्तीय वर्ष तक अपने आंतरिक राजस्व को दोगुना करने का लक्ष्य दिया है. इसके लिए हर निकाय को अगली समीक्षा बैठक में अधिकतम होल्डिंग असेसमेंट का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है. राज्य सरकार की संपत्तियों पर बकाया होल्डिंग टैक्स वसूली के लिए जिला स्तर पर संबंधित कार्यालयों के साथ समन्वय बनाकर कार्रवाई तेज करने का निर्देश भी दिया गया है. इसके साथ ही राजस्व विभाग और नगर निकायों को बकाया कर वसूली में ढिलाई न बरतने की चेतावनी दी गई है.
सरकारी मान्यता है कि नए क्षेत्रों को सर्वे में शामिल करने, सुधारित असेसमेंट प्रणाली को लागू करने और वसूली प्रक्रिया को मजबूत करने से नगर निकायों की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आएगा. इससे शहरी सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी और नगर निकाय आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे.
झारखंड के नगर निकाय लंबे समय से वित्तीय संसाधनों की कमी से जूझते रहे हैं और इसका सीधा असर शहरी विकास परियोजनाओं पर पड़ा है. ऐसे में होल्डिंग टैक्स आधार को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता बन चुका है. हालांकि सफलता तभी मिलेगी जब सर्वे प्रक्रिया पारदर्शी हो, कर निर्धारण विवाद रहित हो और वसूली में राजनीतिक हस्तक्षेप से बचा जाए. नए निर्देश नगर निकायों के लिए चुनौती भी हैं और अवसर भी, क्योंकि बेहतर राजस्व तंत्र ही भविष्य की शहरी योजनाओं की नींव साबित होगा.