प्रवक्ताओं के चयन के लिए पूरे झारखंड को सात जोनों में बांटा गया है। इनमें पहला जोन पलामू, दूसरा कोल्हान, तीसरा देवघर,दुमका, जामताड़ा, चौथा साहेबगंज, गोड्डा, पाकुड़, पांचवां रामगढ़, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, छठा बोकारो, धनबाद, गिरिडीह और सातवां दक्षिणी छोटा नागपुर क्षेत्र शामिल है। इन सभी जोनों में चरणबद्ध तरीके से चयन प्रक्रिया चलाई जाएगी, ताकि प्रदेश के प्रत्येक हिस्से से योग्य प्रतिभाएं सामने आ सकें।
संवाददाता सम्मेलन में चयन प्रक्रिया के मापदंड भी स्पष्ट किए गए। कांग्रेस के मूल्यों के प्रति निष्ठा, वैचारिक स्पष्टता, राजनीतिक जागरूकता, त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता, भाषा और संचार कौशल, इतिहास और संविधान का ज्ञान, मीडिया में सहज उपस्थिति और तथ्य आधारित संवाद की योग्यता, इन सभी मानकों पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया जाएगा। पार्टी का लक्ष्य ऐसे वक्ताओं को तैयार करना है जो जनहित और पार्टी की नीतियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें।
कार्यक्रम में शामिल एआईसीसी प्रवक्ता और पूर्वी भारत के प्रभारी अतुल लोंढे पाटिल ने कहा कि इस टैलेंट हंट का उद्देश्य ऐसी युवा और योग्य प्रतिभा की पहचान करना है, जो देश की संस्कृति, राजनीति और संविधान की गहरी समझ रखती हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और इसमें एनजीओ, सिविल सोसाइटी और मीडिया जगत से जुड़े विशेषज्ञ शामिल किए जाएंगे।
अतुल लोंढे पाटिल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर मीडिया, खासकर सोशल मीडिया को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। ऐसे समय में कांग्रेस एक मजबूत और प्रशिक्षित मीडिया टीम तैयार करना चाहती है, जो जनता तक तथ्यात्मक और संतुलित जानकारी पहुंचा सके। जल्द ही झारखंड में इस कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत होगी।