सभी विराम स्थलों पर यात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया तथा संवाद सत्र, नुक्कड़ नाटक और संगोष्ठियों का आयोजन हुआ। बिरसा मुंडा संदेश यात्रा भगवान बिरसा की जन्मस्थली उलिहातु से प्रारंभ होकर खूंटी, चक्रधरपुर, चाइबासा, सरायकेला, रांची, जमशेदपुर, गुमला, लोहारगड़ा, लातेहार, मोदिनीनगर, गढ़वा, दुद्धीनगर, रॉबर्ट्सगंज, वाराणसी, जौनपुर, कुशभवनपुर, रायबरेली, लखनऊ, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद और सहारनपुर होते हुए देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले अभाविप के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के अधिवेशन स्थल पर 27 नवंबर को पहुँचेगी। यात्रा के दौरान सभी विराम-स्थलों पर संगोष्ठी, नुक्कड़ नाटक, प्रदर्शनी एवं अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से भगवान बिरसा मुंडा द्वारा जनजातीय गौरव को बढ़ाने हेतु किए गए कार्यों को जन-जन तक पहुँचाया जाएगा।
स्वागत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बिहार-झारखण्ड क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने संदेश यात्रा का स्वागत करते हुए कहा, “भगवान बिरसा द्वारा किए गए कार्यों की प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है, और उनके विचारों को आत्मसात करना उतना ही महत्वपूर्ण है।
विद्यार्थी परिषद द्वारा आयोजित इस संदेश यात्रा के माध्यम से जनजातीय गौरव हेतु भगवान बिरसा के कार्यों को सभी तक पहुँचाया जाएगा। भगवान बिरसा का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए संघर्ष, राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान का अद्भुत उदाहरण है। यह हर्ष का विषय है कि ऐसी पहल को सामान्य जन का भरपूर सहयोग मिल रहा है और इस संदेश यात्रा में स्थानीय लोग स्वेच्छा से जुड़ रहे हैं।”