आरोपों के अनुसार, संघ का गठन अब कुछ प्रभावशाली वकीलों के हाथों की कठपुतली
आरोपों के अनुसार, संघ का गठन अब कुछ प्रभावशाली वकीलों के हाथों की कठपुतली बनकर रह गया है, जो कथित तौर पर भेदभावपूर्ण व्यवहार अपना रहे हैं। यह आरोप लगाया गया है कि यह संगठन अब कुछ गिने-चुने सदस्यों के लाभ के लिए काम कर रहा है और यह मुंह देखकर अधिवक्ताओं को बैठकों और कार्यक्रमों में आमंत्रित करता है। यहां तक कि सुख-दुख में भी सिर्फ कुछ विशेष सदस्यों को ही बुलाया जाता है।
संघ के सदस्य बिनोद कुमार ने इन परिस्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त की
संघ के सदस्य बिनोद कुमार ने इन परिस्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा, संघ को यह समझने की आवश्यकता है कि क्या सही है और क्या गलत है। कुमार के अनुसार, मौजूदा समस्याओं का समाधान केवल उचित और खुले संवाद के माध्यम से ही किया जा सकता है, ताकि संघ से जुड़े सभी वकीलों की समस्याओं को सुना और हल किया जा सके।
आरोप है कि यह नई कार्यशैली संघ की मूल भावना के विपरीत
आरोप है कि यह नई कार्यशैली संघ की मूल भावना के विपरीत है, और यह कुछ अधिवक्ताओं के लिए लाभ उठाने का माध्यम बन गया है, जबकि अन्य सदस्य उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। संघ के नेताओं को इन गंभीर आरोपों पर ध्यान देने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, ताकि सभी सदस्य समान रूप से संघ का हिस्सा महसूस कर सकें।