Jharkhand News: झारखंड में बालू घाटों की नीलामी पर हाईकोर्ट की रोक अब भी बरकरार है लेकिन खान एवं भूतत्व विभाग ने कमर कस ली है. विभाग ने कैटेगरी एक के बालू की सरकारी दर तय कर दी है और सभी जिलों के उपायुक्तों को सख्त निर्देश भेज दिए हैं कि 4 दिसंबर को पेसा नियमावली पर हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद अगर जैसे ही रोक हटे, बालू घाट तुरंत चालू हो जाएं.
राज्य भर में कैटेगरी एक का बालू अब 100 रुपये प्रति घन फुट की दर से बेचा जाएगा. यह बालू ग्राम पंचायतें ही बेचेंगी. खान विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि ग्राम सभाओं द्वारा न्यूनतम 100 घन फुट की इकाई में ही बिक्री होगी. इससे कम मात्रा में बालू नहीं दिया जाएगा और तय दर से एक पैसा ज्यादा लिया गया तो जिला प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा.
विभाग ने उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि हर जिले में बालू खनन और बिक्री पर निगरानी के लिए अलग विजिलेंस टीम गठित की जाए. अवैध उत्खनन, अवैध बिक्री और अवैध ढुलाई करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान भी नियमावली में जोड़ा गया है.
दरअसल पिछले कई साल से झारखंड में बालू घाटों की नीलामी नहीं हो पा रही थी. इस साल सरकार पर दबाव बढ़ा तो सभी जिलों में नीलामी प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई थी लेकिन पेसा नियमावली नहीं बनने की वजह से हाईकोर्ट ने रोक लगा दी. दूसरी तरफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 15 अक्टूबर को ही बालू उत्खनन पर अपनी रोक हटा ली थी.
अब खान विभाग ने झारखंड बालू खनन नियमावली 2025 को अंतिम रूप देकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. 4 दिसंबर को हाईकोर्ट का फैसला अगर सरकार के पक्ष में आता है, तो बालू घाटों का संचालन तुरंत शुरू हो जाएगा.
सरकार का यह कदम साफ दिखाता है कि वह हाईकोर्ट से राहत की पूरी उम्मीद लगाए बैठी है. बालू घाट चालू होने से जहां राजस्व को बड़ा फायदा होगा वहीं निर्माण कार्यों में लगी ठेकेदारों और आम लोगों को भी राहत मिलेगी क्योंकि बाजार में बालू की किल्लत के चलते कीमतें आसमान छू रही थीं. साथ ही पंचायतों को बालू बेचने का अधिकार देकर सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधे मजबूत करने की कोशिश की है. अब सबकी नजरें 4 दिसंबर पर टिकी हैं.