गिरफ्तार तस्कर की पहचान चैनपुर थाना क्षेत्र के बंदुआ निवासी अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। वह चतरा-पलामू बॉर्डर के रास्ते यह बड़ी खेप लेकर राजस्थान या पंजाब में किसी व्यक्ति को बेचने जा रहा था, लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाया। पलामू की पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इस सफलता की विस्तृत जानकारी दी।
गुप्त सूचना पर बिछाया जाल
जानकारी के अनुसार, एसपी को बुधवार रात गुप्त सूचना मिली थी कि एक युवक बड़ी मात्रा में अवैध अफीम लेकर डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही, एसपी के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस टीम ने तत्काल रेड़मा चौक से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क पर सघन वाहन-जांच अभियान शुरू कर दिया। इसी दौरान, उन्हें एक सफेद रंग की संदिग्ध कार (संख्या: JH01 FY 5271) रेलवे स्टेशन की तरफ आती दिखी।
6.5 किलोग्राम से अधिक अफीम बरामद
पुलिस ने कार को रोककर जब उसकी तलाशी ली, तो उसमें रखे एक बैग के भीतर प्लास्टिक के 6 पैकेटों में 6.523 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर ही कार चालक अभिषेक कुमार को गिरफ्तार कर लिया और अफीम तथा कार को जब्त कर लिया। कार से एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
ठगी और मारपीट के मामले में भी वांछित
जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि गिरफ्तार युवक अभिषेक कुमार केवल अफीम तस्करी तक ही सीमित नहीं था। वह पहले से ही कई अन्य मामलों में वांछित चल रहा था। अभिषेक कुमार पश्चिम बंगाल के राजाघाट पुलिस नगर थाना में टेलीग्राम के माध्यम से ₹18 लाख की ठगी के मामले में भी वांछित था, और पश्चिम बंगाल की पुलिस भी उसकी तलाश कर रही थी। इसके अलावा, पूर्व में पड़ोसी से मारपीट के एक मामले में भी उस पर चैनपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज है।
पलामू पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के
पलामू पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी चोट माना जा रहा है, जिसने तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को बाधित किया है। पुलिस अब आगे की जांच कर रही है ताकि इस अवैध धंधे में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।