Jharkhand News: धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्याकांड मामले में फिर हलचल मच गई है. झारखंड हाईकोर्ट ने निचली अदालत से बरी हुए झरिया के पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह सहित दस लोगों को नोटिस जारी कर दिया है. गुरुवार को जस्टिस रोंगोन मुखोपाध्याय की बेंच ने यह आदेश दिया.
याचिका नीरज सिंह के भाई अभिषेक सिंह ने दाखिल की है. उन्होंने धनबाद कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें साक्ष्य के अभाव में संजीव सिंह समेत दस आरोपियों को बरी कर दिया गया था. अपील में झारखंड सरकार के साथ संजीव सिंह, जैनेंद्र कुमार सिंह उर्फ पिंटू सिंह और बाकी आठ आरोपियों को प्रतिवादी बनाया गया है.
बता दें कि 2017 में सरायढेला थाना क्षेत्र में नीरज सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. संजीव सिंह पर मुख्य साजिश रचने का आरोप था. करीब आठ साल जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी. उनकी पत्नी रागिनी सिंह अभी झरिया से विधायक हैं. निचली अदालत ने लंबे ट्रायल के बाद सभी को बरी कर दिया था लेकिन अब हाईकोर्ट में उस फैसले पर सवाल उठ गए हैं.
नीरज सिंह हत्याकांड धनबाद की राजनीति का सबसे काला अध्याय है और आठ साल बाद भी इसका अंत नहीं दिख रहा. निचली अदालत से बरी होने के बाद संजीव सिंह की सियासी पारी फिर शुरू हो गई थी लेकिन हाईकोर्ट का नोटिस एक बार फिर सबकुछ उलट सकता है. अगर हाईकोर्ट ने निचली अदालत का फैसला पलट दिया तो संजीव सिंह की मुश्किलें फिर बढ़ जाएंगी और कोयला बेल्ट की सियासत में भूचाल आ सकता है. यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं बल्कि धनबाद की आपराधिक राजनीति की पूरी कहानी है जिसका अंत अभी दूर है.